ये क्या कर रहें शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारी, ऐसा देख पुलिस की उड़ी नींद

राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले 3 महीने से लगातार प्रदर्शन चल रहा है। यहां संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। इन प्रदर्शनों के कारण दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाली सड़क बंद है, जिससे दिल्ली के लोगों की काफी समस्या बढ़ी है।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले 3 महीने से लगातार प्रदर्शन चल रहा है। यहां संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। इन प्रदर्शनों के कारण दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाली सड़क बंद है, जिससे दिल्ली के लोगों की काफी समस्या बढ़ी है।

शाहीन बाग का धरना आज अपने 94वें दिन में प्रवेश कर गया। पहले और आज में सिर्फ इतना अंतर इतना है कि बैठने की जगह पर करीब 100 लकड़ी की चौकियां लग गई हैं। आयोजकों ने हर एक पर सिर्फ दो लोगों को बैठने को कहा है।

एहतियात के तौर पर बुजर्गों ने मास्क लगाया है और बच्चों को प्रदर्शन स्थल से दूर रखने को कहा गया है। ज्यादातर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 50 से ज्यादा लोगों के जुटने वाले आदेश को न मानने की बात कही है।

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50 लोगों को नहीं होगा कोरोना कौन देगा गांरटी

94 दिनों से धरने में आ रहे राकिब ने कहा कि “50 लोगों को नहीं होगा कोरोना इसकी गारंटी कौन देगा। एहतियात के तौर पर 2 मीटर की दूरी पर करीब 100 तख्त लगाया गया है। हर एक पर 2 महिलाएं बैठेंगी, 100 तख्त या चौकियां लगाई गई हैं।”

राकिब ने सवाल पूछा कि जब दंगा हुआ तो केजरीवाल ने क्यों कोई ऑर्डर नहीं दिया। हमारे साथ जुड़े नहीं। अमित शाह से मिलने के बाद कन्हैया पर केस की अनुमति दे दी, यह आम आदमी नहीं मिनी बीजेपी है।

रास्ता खुलवाने को लेकर नहीं बनी बात

उधर शाहीन बाग का बंद रास्ता खुलवाने को इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से इसके लिए बातचीत की पहल शुरू की, लेकिन ये बातचीत बेनतीजा साबित हुई। दरअसल इन महिलाओं ने मंच पर आकर पुलिस से बात करने को कहा।

इस मामले में एसीपी जगदीश यादव ने कहा कि हम प्रोटेस्ट पर बात नहीं कर सकते। हम सिर्फ इस पर बात कर रहे हैं कि एक या दो सड़कों को कैसे खोला जा सकता है, इस पर कैसे आगे बढ़ सकते हैं।

लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस से प्रोटेस्ट साइट पर जाकर बात करने की मांग की। एसीपी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि आप खुले दिमाग से आप मश्वरा करें कि इस मामले में आगे क्या कर सकते हैं। इससे पहले प्रदर्शन स्थल के बाहर लगे पुलिस बेरिकेड्स के पास महिलाओं ने पुलिस टीम से बातचीत की है।

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