‘मन की बात’: जानिए कौन हैं डेविड बैकहम, जिनका पीएम मोदी ने लिया नाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो प्रोग्राम मन की बात में गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश को संबोधित किया। ये पहली बार था, जब प्रधानमंत्री ने शाम के वक्त मन की बात की।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो प्रोग्राम मन की बात में गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश को संबोधित किया। ये पहली बार था, जब प्रधानमंत्री ने शाम के वक्त मन की बात की।

ये मन की बात का 61वां एपिसोड था, इस दौरान पीएम मोदी ने डेविड बैकहम का नाम लेते हुए कहा कि हमारे पास भी हैं कई डेविड बैकहम। आइये हम आपको बताते हैं, आखिर कौन हैं डेविड बैकहम?

दुनिया के सबसे मशहूर फुटबाल खिलाड़ियों में से एक

डेविड बैकहम इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दुनिया के सबसे मशहूर फुटबाल खिलाड़ियों में से एक हैं। बेकहम 14 साल की उम्र में मैनचेस्टर यूनाइटेड में शामिल हुए थे। यह वही क्लब था जिसके वह बचपन से ही फैन थे।

1996-97 में विंबलडन के खिलाफ हाफ लाइन के करीब से गोल करके वह सुर्खियो में आए थे और यहीं से उनकी प्रतिभा का पता चला था। उनके नाम पर एक फिल्म बैड इट लाइक बेकहम भी बनी थी।

साल 2003 में बेकहम स्पेनी क्लब रियाल मेड्रिड में शामिल हुए थे और 2007 में लीग जीता था। इसके बाद उन्होंने अमेरिका का रुख किया और लास एंजिलिस गैलेक्सी की ओर से खेले।

बेकहम ने साल 1996 में इंग्लैड के लिए पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला था। उन्होंने 2000 से 2006 तक इंग्लैड की कप्तानी संभाली थी। वह अंतिम बार 2009 में इंग्लैड की ओर से खेले थे।

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20 साल के करियर में बेकहम ने कुल 19 खिताब जीते

बेलारूस के खिलाफ खेले गए इस मैच को इंग्लैड ने 3-0 से जीता था। अपने 20 साल के करियर में बेकहम ने कुल 19 खिताब जीते। वह इंग्लैड के पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने चार देशों में चैंपियनशिप जीती है।

बेकहम के करियर में भी उतार चढ़ाव आए थे। साल 1998 में फ्रांस में हुए विश्वकप में अर्जेंटीना के खिलाफ मैच के दौरान उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया गया था।

यूनाइटेड के मैनेजर एलेक्स फर्यू गसन के बूट से चोट लगने से उनके चेहरे पर कट का निशान पड़ गया था। साथ ही यूरो 2004 में एक पेनल्टी का चूकना भी ऐसा पल है जिसे बेकहम याद नहीं रखना चाहेंगे।

अपने अनोखे हेयर स्टाइल और लोकप्रियता के कारण वह दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों के चहेते रहे। वह लंदन को साल 2012 में ओलंपिक की मेजबानी दिलाने वाली टीम के अहम सदस्य थे। इन खेलों के उद्घाटन समारोह में बेकहम स्पीडबोट के जरिए ओलंपिक मशाल को स्टेडियम में लेकर आए थे।

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कारों के शौकीन बेकहम

डेविड बेकहम कारों के शौकीन हैं। उनकी पहली सुपर कार पॉर्श 911 कर्रेरा थी, जो उन्होंने 1997 में खरीदी थी। इसके बाद उनकी जैगुआर XK8 काफी पॉपुलर हुई। बेकहम ने लैमबॉर्गिनी ग्लार्डो और फरारी 360 स्पाइडर भी खरीदी थी। यही नहीं उनके पास हमर और एस्टन मार्टिन जैसी कार भी है। बेकहम को बाइक्स का भी शौक है, उनकी फेवरेट बाइक हार्ले डेविडसन है।

ड्राइविंग कानून तोड़ने पर 6 महीने के लिए लगा था बैन

इंग्लैंड के पूर्व फुटबॉल कप्तान डेविड बेकहम को 5 करोड़ की कार चलाते हुए फोन पर बात करने के लिए मई 2019 में दोषी करार दिया गया था। कोर्ट ने उन्हें इसके लिए 6 महीने तक गाड़ी नहीं चलाने की सजा दी थी।

43 साल के बेकहम को एक आम नागरिक की शिकायत के बाद ये सजा मिली थी। बेकहम ने ब्रॉमली मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपनी गलती मानी थी जिसके बाद उनकी ड्राइविंग पर 6 महीने का बैन लगा दिया डेविड बेकहम पर 750 पाउंड का जुर्माना भी लगाया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल 21 नवंबर को लंदन में अपनी गाड़ी से जाते हुए बेकहम ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। 43 साल के बेकहम को उनके ड्राइविंग लाइसेंस पर छह अंक मिले, जिसके बाद उन्हें गाड़ी चलाने से अयोग्य घोषित कर दिया गया।
डेविड बैकहम की अमेरिकी क्लब एलए गैलेक्सी के स्टेडियम के बाहर पुतले का अनावरण हो चुका है।

बैकहम एमएलएस के इतिहास में पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका यहां पर पुतला लगा हुआ है।  43 साल के बैकहम फिलहाल, इंटर मियामी क्लब के मालिक हैं जो 2020 में लीग से जुड़ेगी। बैकहम अपने करियर में मैनेचस्टर युनाइटेड और रियल मेड्रिड जैसे शीर्ष क्लबों के लिए खेल चुके हैं।

 

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