चोरी हो गया दिल्ली का ये फुटओवर ब्रिज, है गजब कहानी

मध्य दिल्ली के पॉश और हाई प्रोफाइल इलाके में जवाहर लाल स्टेडियम के पास पैदल यात्रियों के लिए बनाया गया एक फुटओवर ब्रिज ही चोरी हो गया है। यह जान कर आप और भी हैरान हो जायेंगे कि यह फुटओवर ब्रिज की चोरी एक दिन में नहीं, बल्कि 9 साल में चुराया गया।

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से ऐसा मामला सामने आया है, जो भी इस खबर को सुन रहा है, वो हतप्रद हो जा रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं दिल्ली के एक फुटओवर ब्रिज की, जो किसी को पता भी नहीं चला और चोरी हो गया।

दरअसल, मध्य दिल्ली के पॉश और हाई प्रोफाइल इलाके में जवाहर लाल स्टेडियम के पास पैदल यात्रियों के लिए बनाया गया एक फुटओवर ब्रिज ही चोरी हो गया है।

यह जान कर आप और भी हैरान हो जायेंगे कि यह फुटओवर ब्रिज की चोरी एक दिन में नहीं, बल्कि 9 साल में चुराया गया, और इससे संबंधित महकमें ने इसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई है।

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धीरे-धीरे गायब हो गए सभी पार्ट्स…

दरअसल, जवाहर लाल स्टेडियम के पास वर्ष 2010 में बने इस फुटओवर ब्रिज के सारे पार्ट्स एक-एक कर चोरी हो गए।

इसके साथ ही आपको बता दें कि वर्तमान में सिर्फ कुछ ढांचों में तब्दील इस फुटओवर ब्रिज पर बची अंतिम रेलिंग भी पिछले दिनों में चोरी हो गया।

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दिल्ली सरकार ने लिया था से निर्णय…

इसके बाद यहां पर सिर्फ फुटओवर ब्रिज का स्थान बचा है, फुटओवर ब्रिज नहीं। यह अलग बात है कि लोगों के ज्यादा इस्तेमाल में नहीं होने के चलते दो साल पहले ही दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले लोक निर्माण विभाग ने इसे बंद कर दिया था।

बताते चलें कि इसके बाद लोगों ने यहां से आते-जाते इसकी ईटें, सरिये और यहां तक की रेलिंग तक चुरा ली, बता दें कि अब यहां पर कुछ भी नहीं बचा है।

हतप्रद करने वाली बात यह है कि पूरे फुटओवर ब्रिज की चोरी एक दिन में नहीं, बल्कि पूरे दो साल में हुई है।

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4 करोड़ की लागत से तैयार हुआ था ब्रिज…

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस ओवरब्रिज का निर्माण लोगों की सहूलियत के लिए करवाया गया था। इस ओवरब्रिज पर वर्ष 2010 में 4 करोड़ रुपये खर्च कर इसका निर्माण करवाया था।

अथॉरिटी करेगा फैसला…

अब अथॉरिटीज को यह फैसला लेना है कि आखिर इस फुटओवर ब्रिज का क्या किया जाए। इसे उस दौर में 4 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था और सप्ताह में करीब 10 हजार लोग इसका इस्तेमाल करते थे।

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ध्यान देने योग्य बात है कि इसका इस्तेमाल वही लोग करते थे, जिन्हें यहां पर स्थित साईं बाबा मंदिर से जवाहर लाल स्टेडियम जाना होता था। साईं बाबा साईं बाबा मंदिर से स्टेडियम जाना होता था।

सबकुछ हो गया न के बराबर…

पीडब्ल्यूडी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, जब तक यह पुल इस्तेमाल में रहा तब तक कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन दो साल पहले इसके बंद होते ही आसपास रहने वाले नशेड़ी और शराबी किस्म के लोग इसके पार्ट्स निकालकर बेचने लगे।