मोदी का मिशन Apple! अब दुनिया चखेगी कश्मीरी सेब का स्वाद

कश्मीरी सेब की दुनियाभर में बहुत ज्सादा मांग है, और अब सरकार सेब की खेती करने वालों को सीधा फायदा पहुंचाने जा रही है। इसके तहत 12 लाख मिट्रिक टन सेब सीधे किसानों से लिए जाएंगे और उन्हें आगे सप्लाई किया जाएगा। अब इसकी राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगी।

नई दिल्ली: केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाए हुए एक महीना से ज्यादा समय हो गया है।

इसके साथ ही केंद्र सरकार, वहां की स्थितियों को देखते हुए लगातार पाबंदियों को हटा भी रही है। द्वारा जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए मोदी सरकार नए रास्ते भी तैयार कर रही है।

दरअसल, कश्मीरी सेब की दुनियाभर में बहुत ज्सादा मांग है, और अब सरकार सेब की खेती करने वालों को सीधा फायदा पहुंचाने जा रही है। इसके तहत 12 लाख मिट्रिक टन सेब सीधे किसानों से लिए जाएंगे और उन्हें आगे सप्लाई किया जाएगा। अब इसकी राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगी।

हुई बड़े अधिकारियों की बैठक…

बताते चलें कि इस संबंध में सोमवार को चीफ सेक्रेटरी बीवीआर सुब्रमण्यम ने कश्मीर डिविज़न के डिप्टी कमिश्नर समेत कई बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की।

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बैठक में केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जा रही स्पेशल मार्केट इन्टरवेंशन प्राइस स्कीम को लागू किए जाने पर चर्चा हुई।

स्कीम का लाभ किसानों के साथ…

स्पेशल मार्केट इन्टरवेंशन प्राइस स्कीम को लागू होने के बाद इस स्कीम का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा, उनकी खपत बढ़ेगी और सेब की सप्लाई भी होगी।

खास बात ये है कि अब पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। बताया जा रहा है कि इस स्कीम से घाटी के किसानों की इनकम करीब 2000 करोड़ रुपये तक बढ़ सकती है।

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बजट तैयार…

शुरुआत में किसानों से 1 सितंबर 2019 से लेकर 1 मार्च 2020 तक सेब खरीदे जाएंगे। इन 6 महीनों के लिए करीब 8000 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र के कृषि मंत्रालय और NAFED के तहत चलाई जा रही इस योजना के जरिए घाटी के किसानों को प्रोत्साहित करना है।

केंद्र के द्वारा लागू की जा रही इस योजना के तहत बारामूला, श्रीनगर, शोपियां और अनंतनाग की मंडियों से सेब खरीदे जाएंगे और किसानों को फायदा पहुंचाया जाएगा। सरकार की तरफ से सेब के दाम भी तय किए जाएंगे, जिसके तहत सेबों को A, B और C ग्रेड में बांटा जाएगा।

इस योजना के लाभ…

1. केंद्र के द्वारा इस सीजन के लिए सेबों की बिक्री बढ़ाने के लिए नई योजना लागू की जा रही है।

2. सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर NAFED इस स्कीम की पूरी प्रक्रिया को 15 दिसंबर, 2019 तक पूरा किया जाएगा।

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3. इस स्कीम के तहत सीधे किसानों से या मंडी के जरिए सेब लिया जाएगा।

4. राज्य सरकार के द्वारा किसानों के बैंक खातों की जानकारी दी जाएगी, जिससे सेब की कीमत को उनके खाते में पहुंचाया जाएगा।

5. सेब को कई कैटेगेरी में बांटा जाएगा, जिसमें कश्मीरी सेब को A, B और C में बांटा जाएगा. शुरुआत में शोपियां, सोपोर और श्रीनगर की मंडियों से सेब खरीदे जाएंगे।

6. कैटेगेरी के हिसाब से सेब के दाम एक कमेटी के द्वारा तय किए जाएंगे।

7. क्वालिटी कमेटी सेब को श्रेणी में बांटने का काम करेगी।

8. इन कमेटियों की अगुवाई चीफ सेक्रेटरी करेंगे।

9. कृषि मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियां एक साथ मिलकर इस योजना को लागू करने का काम करेगी।