कांग्रेस के ये संकट के दिन! अब इनकी जेल जाने की आई बारी

दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुश्किलें आने वाले दिनों बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1984 के दंगों की फाइलें दोबारा खोलने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

नई दिल्ली: नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की वर्तमान स्थिती के बारे में क्या कहा जाये, कांग्रेस पार्टी पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। कांग्रेस हर तरफ से बैकफुट पर नजर आ रही है।

एक तरफ जहां कांग्रेस मुखिया सोनिया सहित गांधी परिवार हेराल्ड केस पर जमानत है, वहीं कांग्रेस के कई संकटमोचकों या वरिष्ठ नेताओं जैसे पी. चिदंबरम, हरीश रावत, डी के शिवकुमार, एमपी के सीएम कमलनाथ पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।

दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुश्किलें आने वाले दिनों बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1984 के दंगों की फाइलें दोबारा खोलने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

यह भी पढ़ें.  आर्टिकल 370! UNHRC में आज PAKISTAN v/s INDIA

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेसवार्ता में बताया कि कमलनाथ के खिलाफ एसआईटी ने जांच की थी।

इसके साथ ही मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि FIR 601/84 फिर खुलेगी और इसमें कमलनाथ का भी नाम है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कमलनाथ को पार्टी से बाहर निकाल देना

एसआईटी के चेयरमैन से मुलाकात…

गौरतलब है कि बीते जून महीने में भी मनजिंदर सिंह सिरसा ने 1984 सिख दंगों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई एसआईटी के चेयरमैन से मुलाकात की थी।

एसआईटी के चेयरमैन से मुलाकात के दौरान सिरसा ने मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ की भूमिका की जांच करने की मांग की थी।

इसके बाद एसआईटी की ओर से कहा गया था कि जांच एजेंसी इस मामले को दोबारा खोल रही है और उनकी प्राथमिकता सीएम कमलनाथ की भूमिका की जांच पर होगा।

यह भी पढ़ें. WORLD TEST CHAMPIONSHIP: भारत शीर्ष पर बरकरार, बाकी फर्श पर

कमलनाथ को सीएम बनाया…

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी के लंबे शासन को खत्म करके कांग्रेस ने जब कमलनाथ सीएम बनाया था, उस दौरान भी सिख दंगों को लेकर खूब चर्चा हुई थी। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आई थीं। इन सभी के बावजूद कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने कमलनाथ को सीएम बनाया था।