नेताओं-अधिकारियों को जनता पीटे तो हैरानी नहीं, हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

कोर्ट ने दिल्ली सरकार और अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा, “अगर चीजें नहीं बदलती हैं और ऐसे ही चलता रहा तो उसे हैरानी नहीं होगी कि इन सबमें शामिल नेताओं और लोगों को जनता मिलकर पीटना शुरू कर दें।”

Published by Chitra Singh Published: January 22, 2021 | 12:39 pm
Modified: January 22, 2021 | 12:43 pm
delhi high court

नेताओं-अधिकारियों को जनता पीटे तो हैरानी नहीं, हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी (Photo- social media)

नई दिल्ली: एमसीडी (Municipal Corporation of Delhi) को सैलरी न मिलने की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने केजरीवाल सरकार पर नाराजगी जताई है। बता दें कि कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार समेत तीनों नगर निगमों के सभासदों और अधिकारियों को जोरदार लताड़ लगाई। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की परिस्थितियां राजनीतिक के चलते ही उत्पन्न होती है, अगर ऐसे मसले पर अधिकारियों और नेताओं की पिटाई होती है, तो इसमे कोई हैरानी की बात नहीं है।

नेताओं को पीटना शुरू कर दें जनता- कोर्ट

बता दें कि एमसीडी (Municipal Corporation of Delhi) कर्मचारियों के वेतन भुगतान न होने पर दिल्ली हई कोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली सरकार और अधिकारियों की कड़ी निंदा की है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा, “अगर चीजें नहीं बदलती हैं और ऐसे ही चलता रहा तो उसे हैरानी नहीं होगी कि इन सबमें शामिल नेताओं और लोगों को जनता मिलकर पीटना शुरू कर दें।”

यह भी पढ़ें: प्यारे मियां केस: MP पुलिस ने शव के साथ किया ऐसा, हाथरस कांड की याद हुई ताजा

कर्मचारियों की कोई फिक्र नहीं- कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है, “नगर निगमों और स्थानीय निकायों के बकाया कर्ज के एवज में उनसे लिए गए धन को 2 सप्ताह के भीतर उन्हें लौटाया जाए।” न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा, “हम दिल्ली सरकार और नगर निगमों से कितने खिन्न हैं, यह बता नहीं सकता। आपको कर्मचारियों की कोई फिक्र नहीं। आप पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं और आपको गरीब कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के बारे में बिल्कुल चिंता नहीं है।”

delhi high court

दिल्ली सरकार पर कोर्ट ने उठाए सवाल

इतना ही नहीं, कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि दिल्ली सरकार के राजस्व में कमी आई है लेकिन कोरोना महामारी के दौरान जिस तरह से विज्ञापनों पर पैसा बहाया गया, उससे सवाल जरूर खड़े होते हैं।” कोर्ट ने दिल्ली सरकार सख्त रवैया अपनाते हुए से पूछा, “आपने कितना पैसा विज्ञपनों पर खर्च किया है। हम जानना चाहते हैं। आपके पास विज्ञापन पर खर्च करने के लिए पैसा है लेकिन एमसीडी के गरीब कर्मचारियों को देने के लिए नहीं।” वहीं कोर्ट ने दिल्ली सरकार को चेताते हुए कहा है कि हम CAG को भी इस मामले में जांच करने के आदेश दे सकते हैं।

यह भी पढ़ें: दहक उठी दिल्ली: जल रही ITO की इमारत, पहुंची कई दमकल की गाड़ियां

ये है वो नगर निगम के इलाकें

बताते चलें कि उत्तर, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली नगर निगमों ने अपने कर्मचारियों और पेशनभोगियों को वेतन भुगतान नहीं किया है, जिसके लिए गुरूवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई की थी।

दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App