शाह का बड़ा प्लान: दिल्ली-बंगाल और बिहार को लेकर कही ये बड़ी बात

दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कई मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने झारखंड में हार की जिम्मेदारी खुद पर लेते हुए कहा कि झारखंड में सरकार ने बहुत अच्छा काम किया, लेकिन फिर भी पीछे छूट गए।

Published by SK Gautam Published: January 3, 2020 | 9:09 am
Modified: January 3, 2020 | 9:25 am

नई दिल्ली: केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में होने वाले चुनाव के लिए बिगुल फूंक दिया है। दिल्ली में होने वाले चुनावों के लिए भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि यहां भी भाजपा की ही सरकार बनेगी। पश्चिम बंगाल में भी वह दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त हैं। जबकि बिहार में उन्होंने फिर से साफ किया कि प्रदेश में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही राजग मैदान में उतरेगा।

झारखंड में हार की जिम्मेदारी खुद पर ली

बता दें की दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कई मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने झारखंड में हार की जिम्मेदारी खुद पर लेते हुए कहा कि झारखंड में सरकार ने बहुत अच्छा काम किया, लेकिन फिर भी पीछे छूट गए। इसकी समीक्षा होगी। लेकिन दावे के साथ कहता हूं कि पश्चिम बंगाल में भाजपा दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।

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अमित शाह ने कहा कि केजरीवाल ने अपने वादे नहीं किये पूरे

दिल्ली के बाबत उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता पांच साल की सरकार चाहती है। लेकिन यहां तीन महीने में सारे काम की घोषणा की जा रही है। जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षो में भाजपा एमसीडी भी जीती और लोकसभा भी। विधानसभा में भी भाजपा निश्चित रूप से जीतेगी।

बिहार में जदयू के कुछ नेताओं की बयानबाजी के बाद दो दिन पहले खुद नीतीश ने कहा था कि राजग में सबकुछ ठीक है। गुरुवार को शाह ने भी इसकी पुष्टि की। सीटों के बंटवारे पर पूछे गए सवाल के जवाब मे उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर सार्वजनिक बात नहीं की जाती है।

गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना

सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने सवाल के लहजे में कहा- ‘कोई हिंसक विरोध प्रदर्शन कांग्रेस शासित राज्यों में क्यों नहीं हो रहे। राहुल और प्रियंका बताएं कि सीएए में कहां लिखा है कि किसी की नागरिकता जाएगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने कुछ लोगों को भ्रमित कर दिया है लेकिन विरोध कर रहे संगठनों व राज्यों से बात करने और समझाने के लिए तैयार हैं।

एक तरफ जहां कांग्रेस विपक्षी एकजुटता बढ़ाकर सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी है वहीं शाह ने सीधी चुनौती दी कि नागरिकता कानून में कोई भेदभाव की बात नहीं कर सकता है। यह नियम संविधान के अनुरूप है। उन्होंने अल्पसंख्यकों को फिर से भरोसा दिया कि किसी की भी नागरिकता नहीं जाएगी।

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मोदी सरकार में सबका हो रहा विकास: शाह

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के काल में केवल वादे और दंगे हुए लेकिन मोदी सरकार में सबका विकास हो रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एनपीआर मे जन्मस्थान, जन्मतिथि आदि की जानकारी पहले भी मांगी जाती थी और यह जरूर है क्योंकि सरकार उसी अनुरूप कल्याणकारी योजनाएं बनाती है।

इस क्रम में उन्होंने गुजरात में ओडिशा के मूल निवासियों का उदाहरण दिया और कहा ओडिया की संख्या गुजरात में काफी हो गई है। हम उनकी भाषा भी पूछते हैं। हमने ओडिया भाषा के स्कूल खोले हैं। हम प्लानिंग कैसे करेंगे। पिछले जनगणना में एक सवाल यह भी था कि आपके घर में शौचालय है या नहीं। अफवाह यह भी फैलाई गई थी कि पोलियो की खुराक से नपुंसक हो जाते हैं, तो क्या हम पोलियो नहीं दें।

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उपद्रियों पर पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया शाह ने

सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने वाले उपद्रवियों पर पुलिस की कार्रवाई को सही बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस पर अपनी सुरक्षा के साथ ही दूसरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। अगर कोई हिंसा फैला रहा है तो पुलिस हाथ रोककर नहीं रह सकती है। कोई जगह बताइए कि जहां हिंसा नहीं हुई हो और गोली चली हो।

जम्मू-कश्मीर में फारूख ओर उमर अब्दुल्ला तथा महबूबा मुफ्ती की गिरफ्तारी पर पूछे हए सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि इन तीन नेताओं पर फैसला स्थानीय प्रशासन करेगा। इन नेताओं ने कश्मीर जल जाएगा, जो 370 को हटाएगा, उसका हाथ जला देंगे जैसे बयान दिए थे। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने कुछ फैसला लिया।

 

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