फिर जहरीली हुई दिल्ली-NCR की हवा, 437 पर पहुंचा AQI

दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर से जहरीली हवा के चपेटे में आ गया है। दिल्ली-एनसीआर में हवा इतनी जहरीली हो गई है कि, ये गंभीर या आपातकाल की स्थिति में पहुंच गया है।

Published by Shreya Published: November 13, 2019 | 10:00 am

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर से जहरीली हवा के चपेटे में आ गया है। दिल्ली-एनसीआर में हवा इतनी जहरीली हो गई है कि, ये गंभीर या आपातकाल की स्थिति में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पडोंसी राज्यों में पराली जलाने, तापमान में आई कमी और हवा की धीमी गति के कारण ऐसा हुआ है। दिल्ली-एनसीआर की हवा आपातकालीन स्थिति में आ गई है। जिससे दिल्ली वासियों को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

आपातकालीन स्थिति में दिल्ली

वायु प्रदुषण की जांच करने वाली संस्था SAFAR ने ये चेतावनी दी है कि, बुधवार को दिल्ली-एनसीआर की हवा प्रदूषण मामले में आपातकालीन स्थिति में है। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने ट्वीट पर कहा कि, प्रदूषण को लेकर भविष्यवाणी ये बताती है कि 14 नवंबर तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीरतम स्थिति में पहुंच जाएगा।

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इस वजह से बढ़ा प्रदूषण

वहीं भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव ने प्रदूषण की वजह को बताते हुए कहा कि, मंगलवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री सेल्सियस था। यानी इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान। ये तापमान इस समय के हिसाब से सामान्य न्यूनतम तापमास से लगभग 2 डिग्री नीचे है। इसके अलावा धीमी हवा की गति और कम तापमान ने हवाओं को ठंडा और घना कर दिया है। जिसकी वजह से प्रदूषण के तत्व एक ही जगह पर जमा हो रहे हैं।

437 पहुंचा AQI

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण ब्यूरो के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानि AQI शाम 4 बजे 425 और रात के 9 बजे 437 तक पहुंच गया था। वहीं पीएम-2.5 की मात्रा 337 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर पहुंच गया है। पीएम-2.5 मतलब प्रदूषण तत्वों के वो सबसे छोटे कण जो 2.5 माइक्रोन व्यास से भी छोटे होते हैं, और ये आसानी से आपके फेफड़े और खून में मिल सकते हैं।

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यह एक आपातकालीन स्थिति है। पीएम-2.5 का सुरक्षित स्तर 0-60 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर होता है। वहीं, PM-10 को 100 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर होना चाहिए, जो कि अब लगभग पांच गुना ज्यादा बढ़कर 484 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर पहुंच चुका है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स

वहीं AQI की बात करें तो 201 से 300 का मतलब खराब, 300 से 400 का मतलब बेहद खराब, 401-500 का मतलब गंभीर और 500 से ऊपर हो तो ये यानी गंभीरतम या आपातकालीन स्थिति में दर्ज होता है।

गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर दिल्ली सरकार ने दो दिनों तक ऑड-ईवन नियम में सबको छूट दी थी। इसकी वजह से भी प्रदूषण में बढ़ावा हुआ है। सूचना ये भी है कि कि EPCA के प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली-NCR के कुछ इलाकों में आतिशबाजी की गई।

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दिल्ली के इलाकों में इस स्तर पर है वायु गुणवत्ता सूचकांक

जगह          AQI

वजीरपुर         465

बवाना            464

रोहिणी           454

मुंडका           458

आनंद विहार   458

फरीदाबाद     413

गुड़गांव          415

गाजियाबाद    461

ग्रेटर नोएडा    444

नोएडा            453

अगले 2 दिनों तक खराब रहेगी स्थिति

ऐसा माना जा रहा है कि, दिल्ली एनसीआर में अगले दो दिनों में प्रदूषण की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो हवा में प्रदूषण के तत्व कम नहीं हो पायेंगे। अगले तीन दिनों तक हवा की गति 8-10 किमी प्रति घंटा बनी रह सकती है। जबकि अभी रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा थी। इसके अलावा ठंड भी कुछ बढ़ गई है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री था, जबकि 3-4 दिन पहले 15-16 डिग्री था। इस स्थिति में 14 नंवबर तक स्थिति ऐसी ही बने रहने की आशंकी है, हालात में सुधार होने की स्थिति 15 नवंबर के बाद ही दिखाई दे रही है।

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