दिल्ली हिंसा: ताहिर हुसैन पर हत्या का केस, AAP ने किया सस्पेंड

पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ दिल्ली के दयालपुर पुलिस थाने में धारा 302 (हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद आप ने हुसैन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।

Published by Aditya Mishra Published: February 27, 2020 | 11:05 pm
Modified: February 27, 2020 | 11:07 pm

नई दिल्ली: पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ दिल्ली के दयालपुर पुलिस थाने में धारा 302 (हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद आप ने हुसैन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।

दोपहर में उसकी बिल्डिंग से पेट्रोल बम, पत्थर, गुलेल और एसिड मिला था। इस बीच, दिल्ली में हुई हिंसा में मृतकों की संख्या 38 हो चुकी है जबकि 364 लोग घायल हैं।

गृह मंत्रालय ने कहा- पिछले 36 घंटे में हिंसा प्रभावित उत्तर पूर्व दिल्ली के किसी भी पुलिस थाने में कोई बड़ी घटना दर्ज नहीं हुई। शुक्रवार को धारा 144 में 10 घंटों के लिए ढील दी जाएगी।

दरअसल, आम आदमी पार्टी से पार्षद रहे ताहिर हुसैन पर करावल नगर में हिंसा भड़काने के आरोप लगे हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा के भाई-पिता के अलावा भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ताहिर पर ही अंकित की हत्या के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने ताहिर को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वो बुधवार सुबह से ही लापता है।

उसने वीडियो जारी करके और कुछ टीवी चैनलों को दिए इंटरव्यू के जरिए खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इस बीच, मीडिया  ने ताहिर की करावल नगर स्थित पांच मंजिला अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग का दौरा किया, जहां पत्थर, एसिड और पेट्रोल बम की बोतलें और गुलेल बिखरे पड़े थे।

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बुधवार-गुरुवार को कोई घटना नहीं हुई

उत्तर-पूर्व दिल्ली में सीएए के मुद्दे पर हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या गुरुवार को 38 (34 जीटीबी, 3 एलएनजेपी और 1 जेपीसी हॉस्पिटल) तक पहुंच गई जबकि 364 लोग घायल हुए हैं। यहां के जाफराबाद-मौजपुर और आसपास के इलाकों में 23, 24 और 25 फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून के सर्मथक और विरोधी गुटों में हिंसक झड़प हुई थीं।

पुलिस ने अब तक 48 एफआईआर दर्ज की है जबकि 514 लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। साउथ ईस्ट डीसीपी मीणा ने बताया- अमन कमेटियों के सदस्यों के साथ बैठक हुई। सभी शांतिपूर्ण ढंग से रहने और प्रोटेस्ट को अनिश्चितकाल के लिए टालने पर राजी हुए हैं।

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