कोरोना का कहर: डॉक्टरों ने चिट्ठी से अमित शाह को लगाई गुहार, कहा-सड़क…

देश में इस वक्त  कोरोना वायरस के मरीजों के आंकड़ों में हर दिन इजाफा देखने को मिल रहा है।  यहां कोरोना वायरस का कहर बढ़ रहा है। वहीं डॉक्टर्स लगातार कोरोना वायरस के मरीजों से दो-चार हो रहे हैं। इस बीच डॉक्टर्स को कई तरह की समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है।

Published by suman Published: March 24, 2020 | 7:46 pm
Modified: March 24, 2020 | 8:21 pm

नई दिल्ली: देश में इस वक्त  कोरोना वायरस के मरीजों के आंकड़ों में हर दिन इजाफा देखने को मिल रहा है।  यहां कोरोना वायरस का कहर बढ़ रहा है।  कोरोना वायरस के संक्रमण की खबरों के बीच एक तरफ जहां पूरे देश में डॉक्टरों और सरकारी कर्मियों की सहायता करने की बात कही जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी कोरोना से लड़ने वाले योद्धाओं का उत्साह बढ़ाने की अपील कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित देश के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल एम्स  के डॉक्टरों को सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने इसको लेकर गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इसमें डॉक्टरों ने कहा है कि कोरोना पीड़ितों का इलाज करने को लेकर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। वे जिन किराए के मकानों में रह रहे हैं, वहां के मकान मालिक घर खाली करने की धमकी दे रहे हैं।

 

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एम्स रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि डॉक्टर्स के सामने कई समस्याएं आ रही हैं। कोरोना मरीजों के संपर्क में रहने के कारण मकान मालिक डॉक्टरों पर मकान खाली करने का दबाव बना रहे हैं।  इसके अलावा कुछ सोसाइटी में एंट्री से भी रोका जा रहा है।

गृह मंत्री को लिखे पत्र में डॉक्टरों ने कहा है कि मकान खाली करने की धमकी की वजह से कई डॉक्टर सड़क पर आ गए हैं, क्योंकि उनके पास रहने को घर नहीं है। अस्पताल की ड्यूटी खत्म करने के बाद इन डॉक्टरों को सड़कों पर ही रात बितानी पड़ रही है। पत्र में यह भी कहा गया है कि कई डॉक्टरों को उनके मकान मालिकों ने बताया कि उनकी (डॉक्टरों की) वजह से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा है,

वहीं एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की शिकायत पर गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और एम्स प्रशासन से बात की है। खबरों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को इस मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है। वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘कुछ लोग नर्सों को कॉलोनी और घरों में प्रवेश नहीं होने दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये लोग कोरोना वायरस के मरीजों के संपर्क में रहते हैं।

 

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ऐसा करना गलत है। इन लोगों ने आपके परिवार के लिए अपनी जान दांव पर लगा रखी है। ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी सही नहीं है।’ वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘कुछ लोग नर्सों को कॉलोनी और घरों में प्रवेश नहीं होने दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये लोग कोरोना वायरस के मरीजों के संपर्क में रहते हैं। ऐसा करना गलत है, इन लोगों ने आपके परिवार के लिए अपनी जान दांव पर लगा रखी है ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी सही नहीं है।’