अब सरकार ने उठाया बड़ा कदम, ऐसे होगी कोरोना की जांच और इलाज

केंद्र सरकार की इस योजना के तहत आने वाले 50 करोड़ से अधिक आबादी इस प्राइवेट लैब्स के जरिए भी कोविड -19 की फ्री टेस्टिंग करा सकेगी। इस योजना के तहत आने वाले अस्पतालों में कोविड -19  की टेस्टिंग और ट्रीटमेंट बिल्कुल मुफ्त होगी।

नई दिल्ली: कोरोना की महामारी से जंग में केंद्र सरकार ने नया फैसला लेते हुए कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण की जांच और इलाज आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत किया जाएगा। इसके पहले से ही सरकारी अस्पतालों में कोविड -19 की जांच और इलाज मुफ्त में किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की इस योजना के तहत आने वाले 50 करोड़ से अधिक आबादी इस प्राइवेट लैब्स के जरिए भी कोविड -19 की फ्री टेस्टिंग करा सकेगी। इस योजना के तहत आने वाले अस्पतालों में कोविड -19  की टेस्टिंग और ट्रीटमेंट बिल्कुल मुफ्त होगी।

प्राइवेट लैब्स को करना होगा ICMR प्रोटोकॉल का पालन

AB_PM JAY के तहत सूचिबद्ध अस्पताल अपने स्तर पर टेस्टिंग सुविधा का लाभ दे सकते हैं। उनके पास किसी अधिकृ​त टेस्टिंग फैसिलिटी की मदद लेने का भी विकल्प होगा। कोविड -19 की टेस्टिंग इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) के तहत ही होगा।

सभी अधिकृत प्राइवेट लैब्स को ICMR के प्रोटोकॉल को फॉलो करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार प्राइवेट अस्पतालों में भी कोविड -19 की ट्रीटमेंट भी AB-PM JAY योजना के तहत आएगा।

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा, ‘इस अभूतपूर्व संकट की स्थिति में हमें तत्परता से प्राइवेट सेक्टर के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स को कोविड -19से लड़ने के लिए एक साथ लाना होगा।आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हम जांच और इलाज को बड़े स्तर पर पहुंचा सकेंगे।इसमें प्राइवेट अस्पतालों की भी प्रमुख भूमिका होगी।इस कदम से गरीब वर्ग तक कोविड -19 महामारी से लड़ने में मदद मिलेगी।’

टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की बढ़ाई जाएगी सुविधा

सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि टेस्टिंग और ट्रीटमेंट सुविधाओं की सप्लाई को बढ़ाया जा सके। आयुष्मान भारत योजना  के तहत प्राइवेट अस्पतालों को लाने से प्रावइेट लैब्स में भी ICMR के गाइडलाइंस के आधार पर टेस्टिंग की जाएगी।

यहां जानें किन प्राइवेट लैब्स में किया जायगा टेस्ट

यह टेस्ट उन्हीं प्राइवेट लैब्स में होंगे, जिनके पास RNA वायरस के PCR जांच के लिए NABL की मान्यता है।लैब टेस्टिंग तभी की जाएगी, जब कोई क्वालिफाईड डॉक्टर ने कोविड -19टेस्टिंग की सलाह दी होगी।

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प्राइवेट अस्पतालों को कोविड -19अस्पताल बदला जायेगा

सरकार के इस फैसले अधिक संख्या में प्राइवेट कंपनियां भी कोरोना वायरस के टेस्टिंग और ट्रीटमेंट के लिए सामने आ सकेंगी।वर्तमान में, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका भी अहम हो जाएगी।इसके लिए राज्य सरकारें प्राइवेट सेक्टर के अस्पतालों की सूची तैयार कर रही हैं, जिन्हें केवल COVID-19 अस्पताल में तब्दील किया जा सके.