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भारतीय हैं, अमेरिका में रहते हैं और आपके पास एच-1बी वीजा है तो जरूर पढ़ें ये खबर

अमेरिका में दो लाख से अधिक भारतीय छात्र हैं। प्रतिनिधिसभा एवं सीनेट में प्रस्तुत ‘एच-1बी एंड एल-1 वीजा रिफॉर्म एक्ट’ के तहत आव्रजन सेवा विभाग को पहली बार एच-1बी वीजा का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर करना होगा।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 23 May 2020 9:10 AM GMT

भारतीय हैं, अमेरिका में रहते हैं और आपके पास एच-1बी वीजा है तो जरूर पढ़ें ये खबर
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वाशिंगटन: इस वक्त की बड़ी खबर अमेरिका से आई रही है। अमेरिकी सांसदों के द्विदलीय समूह ने यहां कांग्रेस के दोनों सदनों में पहली बार ऐसा विधेयक पेश किया है जो एच-1बी कामकाजी वीजा में प्रमुख सुधारों से जुड़ा हुआ है।

यह विधेयक देश में पहले से मौजूद भारतीय छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इसमें अमेरिका में शिक्षित मेधावी विदेशी युवाओं को प्रायोरिटी देने की बात की गयी है।

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बता दें कि अमेरिका में दो लाख से अधिक भारतीय छात्र हैं। प्रतिनिधिसभा एवं सीनेट में प्रस्तुत ‘एच-1बी एंड एल-1 वीजा रिफॉर्म एक्ट’ के तहत आव्रजन सेवा विभाग को पहली बार एच-1बी वीजा का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर करना होगा।

नई व्यवस्था के तहत एच-1बी वीजा के लिए उन श्रेष्ठ एवं तीक्ष्ण छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने अमेरिका में शिक्षा प्राप्त की है।

भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए कंपनियां इस वीजा सुविधा पर निर्भर करती हैं।

एच-1बी वीजा गैर आव्रजक वीजा है जो अमेरिका में कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को ऐसे विशेषज्ञता वाले पेशों में रोजगार देने की इजाजत देता है जिनमें खास तरह की सैद्धांतिक एवं तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।

बीते 1 अप्रैल को अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने कहा था कि प्रोद्यौगिकी क्षेत्र के विदेशी पेशेवरों के लिए आवश्यक एच-1बी वीजा की खातिर उसे पंजीयन के 2,75,000 अनुरोध प्राप्त हुए जिनमें से 67 फीसदी से अधिक भारत से थे।

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