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कंधों के लिए तरस रहे मुर्दे: श्मशान के नाम पर दलदल, आधुनिक भारत का ऐसा नजारा

हरियाणा के भिवानी जिले में सिस्टम के मुंह पर चांटा मारती तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं। ये तस्वीरें इसलिए भी शर्मसार करती हैं क्योंकि शवों की अंतिम यात्रा के लिए लोग मुर्दों को कंधा तक नहीं दे पा रहे हैं।

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SumanBy Suman

Published on 1 Sep 2020 6:30 AM GMT

कंधों के लिए तरस रहे मुर्दे: श्मशान के नाम पर दलदल, आधुनिक भारत का ऐसा नजारा
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हरियाणा के भिवानी जिले में सिस्टम के मुंह पर चांटा मारती तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं। ये तस्वीरें इसलिए भी शर्मसार करती हैं क्योंकि शवों की अंतिम यात्रा के लिए लोग मुर्दों को कंधा तक नहीं दे पा रहे हैं।
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भिवानी: हरियाणा के भिवानी जिले में सिस्टम के मुंह पर चांटा मारती तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं। ये तस्वीरें इसलिए भी शर्मसार करती हैं क्योंकि शवों की अंतिम यात्रा के लिए लोग मुर्दों को कंधा तक नहीं दे पा रहे हैं। जिले के बवानीखेड़ा कस्बे में प्रेमनगर गांव के पास श्मशान घाट है। यहां के हालात आप खुद भी तस्वीरों में देख सकते हैं कि पानी ही पानी भरा हुआ है।

shamsan फाइल

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हर साल महीनों तक ऐसी ही स्थिति

ये हालात बारिश की वजह से नहीं बल्कि हर साल महीनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहती है। कुछ दिनों पहले 62 वर्षीय हवा सिंह की मृत्यु हो गयी थी। इनके शव को श्मशान घाट लाने के लिए ट्रैक्टर-ट्राली का इस्तेमाल करना पड़ा। परिवारजन चाहते हुए भी आखिरी शव यात्रा के लिए अपने बुर्जेगों को कंधा नहीं दे पाये।हर कोई चाहता है कि उसकी औलाद बुढापे में उसका सहारा बने और जब उसकी मौत हो तो उसकी औलाद व चाहने वाले उसे कंधा दें, लेकिन यहां लोग चाह कर भी अपनों की मौत पर कंधा नहीं दें पाते हैं।

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cermon file  photo फाइल

जैसा कि बताया गया है कि अनुसूचित जाति से जुड़े हुए श्मशान घाट की वजह से कई शिकायतों के बावजूद सरपंच, विधायक या फिर सरकार के आला-आधिकारियों की उदासीनता ही दिखायी पड़ी है। प्रेमनगर गांव की ये तस्वीरें समाज को आईना दिखाने के लिए काफी हैं कि जब मुर्दों की चिंता सिस्टम को नहीं है तो जिंदा लोगों के लिए आखिर किस तरह से काम कर रही होगी।

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