कोरोना से मरने वालों में ये बात है सामान्य, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े

भारत में लगातार कोरोना वायरस (Corona virus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या ने 4 हजार का आंकड़ा पार कर लिया है।

नई दिल्ली: भारत में लगातार कोरोना वायरस (Corona virus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या ने 4 हजार का आंकड़ा पार कर लिया है। जबकि अब तक 111 लोगों की इस जानलेवा वायरस के चलते मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) की तरफ से कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों से संबंधित कुछ अन्य आंकड़े भी जारी किए गए हैं।

मरने वाले मरीजों के बीच एक चीज सामान्य

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबकि, भारत में कोरोना वायरस के चलते मरने वाले मरीजों के बीच एक चीज सामान्य थी। मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना के चलते मरने वाले 63 पर्सेन्ट मरीज 60 साल के ऊपर के हैं। इसके अलावा मरने वालों में 86 प्रतिशत मरीजों को पहले से ही मधुमेह (Diabetes), हाइपरटेंशन (Hypertension) और दिल से संबंधित बीमारी जैसी समस्याएं थीं।

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मरने वालों में 7 पर्सेन्ट लोग ही 40 साल से कम

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि, कोरोना वायरस के चलते मरने वाले लोगों में 30 प्रतिशत लोग 40 से 60 साल के बीच के आयु वाले थे और केवल 7 पर्सेन्ट लोग ही 40 साल से कम के थे।

मरने वाले लोगों में अधिकतम संख्या पुरुषों की

भारत में कोरोना वायरस के चलते मरने वालों का आंकड़ा विदेशी आंकड़ों से मिलता जुलता है। इसमें भी 60 से 80 साल के वर्ग के लोगों की अधिकतम मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा भारत में कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले अब तक 76 फीसदी लोग पुरुष हैं। साथ ही कोरोना से मरने वाले लोगों में भी अधिकतम संख्या पुरुषों की ही हैं। अब तक मरने वालों में 73 फीसदी लोग पुरुष ही हैं।

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वहीं कोरोना से 60 साल से कम उम्र में मरने वालों का आंकड़ा 37 प्रतिशत है। मृतकों में 86 लोग वो थे, जिनको पहले से ही कोई न कोई बीमारी थी। इसलिए जिन युवाओं को पहले से ही सेहत से जुड़ी किसी तरह की प्रॉब्लम है, उनमें भी कोरोना का खतरा उतना ही है।

ज्यादातर बुजुर्ग आ रहे कोरोना की चपेट में

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि अब तक मरने वालों में से 86 फीसदी लोगों को डायबिटीज, हाइपरटेंशन, किडनी और दिल से जुड़ी बीमारियां थीं। मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि कोरोना वायरस ज्यादातर बुजुर्गों को अपनी चपेट में ले रहा है। इम्युन सिस्टम समय के साथ कमजोर होने लगता है, इसलिए भी बुर्जुर्ग कोरोना वायरस की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं।

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