गृह मंत्रालय का बड़ा ऐलान- NRC का फिलहाल अभी कोई प्लान नहीं

जहां देश के अलग-अलग जगहों पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच गृह मंत्रालय NRC को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।

नई दिल्ली: जहां देश के अलग-अलग जगहों पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच गृह मंत्रालय NRC को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि फिलहाल उनकी NRC लागू करने की कोई योजना नहीं है।

NRC को लेकर कोई योजना नहीं- नित्यानंद राय

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी है। नित्यानंद राय ने बताया कि सरकार ने अभी तक देशव्यापी NRC को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। बता दें कि यह पहला मौका है जब संसद में आधिकारिक (Official) रूप से केंद्र सरकार की तरफ से यह बात कही गई है।

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अमित शाह ने किया था ये ऐलान

इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में यह ऐलान किया था कि पूरे देश में NRC प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने यह दावा भी किया कि धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। वहीं शाह के इस बयान के पश्चात पूर्वोत्तर के कई राज्यों में NRC के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। एनआरसी को लेकर सबसे ज्यादा असम, त्रिपुरा और बंगाल में हिंसा हुई थी।

लोगों के बीच NRC को लेकर डर

दरअसल, लोगों के बीच NRC को लेकर डर बना हुआ है। ये डर खासकर मुस्लिम समुदाय और पूर्वोत्तर राज्यों में रह रहे लोग के बीच बना हुआ है। लोगों को इस बात से डर रहे हैं कि अगर वो अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाए तो उन्हें देश से बाहर निकाल दिया जाएगा और फिर वो भारत से सब कुछ छोड़कर जाएंगे। इसके अलावा लोगों को डिटेंशन सेंटर भेजे जाने का भी डर बना है।

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डिटेंशन सेंटर भेजे जाने का है डर

बता दें कि पहले भी ऐसी खबरें सामने आईं थी कि नागरिकता न साबित कर पाने वाले लोगों को अलग रखने के लिए डिटेंशन सेंटर बनवाए जा रहे हैं। डिटेंशन सेंटर असम, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में बनाने की चर्चा है। हालांकि, सरकार की ओर से लगातार डिटेंशन सेंटर बनाने की बात को खारिज किया जाता रहा है।

नरेंद्र मोदी ने डिटेंशन सेंटर के दावों को किया थी खारिज

पीएम नरेंद्र मोदी ने रामलीला मैदान में एक रैली के दौरान डिटेंशन सेंटर बनवाए जाने के दावों को खारिज कर दिया था। उन्होंने ऐसी बातों को खंडन करते हुए कहा कि हिंदुस्तान में कोई डिटेंशन सेंटर है ही नहीं। पीएम मोदी के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने इस दावे पर भी सवाल उठाए थे। क्योंकि संसद में सरकार ने खुद इस बात को स्वीकारा था कि देश में डिटेंशन सेंटर होने के साथ, इनमें हजारों लोगों को कैद भी रखा गया है। आपको बता दें कि असम के माटिया गांव में ढाई हेक्टेयर ज़मीन पर देश का पहला और सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर बना है।

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नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) क्या है?

नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) का अर्थ एक ऐसे रजिस्टर से है जिसमें भारत की सीमा के भीतर रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों के नाम और विवरण रहेंगे। इसकी शुरुआत साल 2013 में असम में हुई थी, जो सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में हुई थी। इसकी शुरुआत असम के मौजूदा हालत को देखते हुए की गई थी। 31 अगस्त 2019 को असम NRC की फाइनल लिस्ट जारी की गई थी। फिलहाल NRC असम के अलावा दूसरे किसी राज्य में लागू नहीं की गई है।

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