शाहीन बाग से नहीं हटे प्रदर्शनकारी तो दर्ज होगा केस और होगी जेल

भारत में कोरोना से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 126 तक पहुंच गया है, जबकि अब तक देश में इससे 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लोगों को एडवाइजरी जारी की है।

नई दिल्ली: भारत में कोरोना से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 126 तक पहुंच गया है, जबकि अब तक देश में इससे 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लोगों को एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सभी तरह के आयोजनों और धरना पर 31 मार्च तक रोक लगा दी है। साथ ही ये भी कहा है कि शादियों के अलावा कहीं भी 50 से ज्यादा लोग न जुटे। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज से लेकर जिम, नाइट क्लब, थिएटर, स्पा सेंटर, साप्ताहिक बाजार भी बंद रखने के निर्देश हैं।

उल्लंघने करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

वहीं ये भी कहा गया है कि कोई भी अगर इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। इसके तहत अधिकतम 2 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। ये नया आदेश नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन पर भी लागू होगा। इसका फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया है। इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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50 से ज्यादा लोगों को एक जगह एकत्रित न होने के निर्देश

CM अरविंद केजरीवाल ने बताया कि शादी को छोड़कर राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, और सांस्कृतिक समेत किसी भी तरह के आयोजनों, कार्यक्रमों और धरना-प्रदर्शन में 50 से ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं होंगे। इससे पहले यह संख्या 200 तक थी। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज, जिम, नाइट क्लब, स्पा और साप्ताहिक बाजारों को भी 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। हालांकि मॉल्स को अभी छूट प्रदान की गई है। वहीं जरूरत पड़ने पर इस पर दो-तीन दिन में फैसला लिया जाएगा।

दिल्ली सरकार की पहली प्राथमिकता कोरोना को फैसने से रोकना है

वहीं जब केजरीवाल से CAA के खिलाफ शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन को खत्म कराने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ऐसे किसी भी प्रदर्शनों पर पाबंदी है, जिसमें 50 से ज्यादा लोग जुटेंगे। अगर कोई इसको पालन नहीं करता तो फिर उसके खिलाफ संबंधित इलाके का जिला मजिस्ट्रेट दिल्ली पुलिस की मदद से महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगा। दिल्ली सरकार की सर्वप्रथम प्राथमिकता कोरोना वायरस को फैलने से रोकना है।

इन धाराओं के तहत होगी कार्रवाई

बता दें कि जो भी शख्स दिल्ली सरकार के आदेश को अनसुना करता है या नहीं मानता है तो महामारी रोग अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके तहत आईपीसी की धारा 188, 269 व 270 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक महीने से 2 साल तक कैद और जुर्माने का प्रावधान है।

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शाहीन बाग में लोगों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील

वहीं दिल्ली सरकार का यह आदेश शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन पर भी लागू होगा। इस आदेश के बाद प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होने की घोषणा की है। वहीं शाहीन बाग के मंच से लोगों भारी संख्या में पहुंचने की अपील की जा रही है। रविवार देर रात को वहां सौ से ज्यादा लोग जुटे। सोमवार को भी ये आंकड़ा सैकड़ों का रहा।

कोरोना से बड़ा मुद्दा CAA को वापस कराना है

प्रदर्शन के आयोजकों ने लोगों से कोरोना से न डरने की बात कही है, उन्होंने कहा कि अल्लाह हमारे साथ है। जिसके बाद प्रदर्शनस्थल पर फिर से भीड़ जुटने लगी। दिल्ली सरकार के फैसले पर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह पाबंदी उनके धरने को खत्म करने लिए लगाई गई है। यह एक पैंतरा है। उनका कहना है कि उनके लिए कोरोना से बड़ा मुद्दा CAA को वापस कराना है।

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कुछ प्वॉइंट्स पर एकजुट हुए प्रदर्शनकारी

शाहीन बाग में बैठी महिलाओं का कहना है कि फिलहाल धरना खत्म नहीं होगा, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को देखते हुए कुछ कदम उठाए जाएंगे। सभी मिलकर कुछ प्वॉइंट्स पर एकजुट हुए। जैसे कि वहां बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाया गया स्कूल फिलहाल नहीं चलेगा। वहीं कुछ अन्य प्लान पर भी विचार किया जा रहा है। जैसे कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए केवल एक ही एंट्री पॉइंट हो, जहां पर आने वाले वाले लोग का तापमान चेक किया जाए। साथ ही सैनिटाइजर्स भी रखा जाए। इसके अलावा मास्क का भी प्रबंध किया जाएगा।

फैलाई जाएगी जागरूकता

प्रदर्शन के इंतजाम देख रहीं एक महिला ने बताया कि महिलाएं 4-4 घंटे की शिफ्ट में धरने पर बैठेंगी। शिफ्ट खत्म होने के बाद वे घर जाएंगी और फिर दूसरी शिफ्ट वाली महिलाएं आएंगी। ऐसा भी प्रयास किया जा रहा है कि एक डॉक्टर को बुलाकर वायरस के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके। वहीं उन्होंने बताया कि इस दौरान स्टेज पर होने वाले कार्यक्रम कम कर दिए जाएंगे, ताकि आसपास के लोगों से भीड़ न लगे।

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