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उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: चीन ने भारत से कहा-गलवान में झड़प कैसी हुई, जांच करे

चीन की ओर से कहा गया है कि हम भारतीय पक्ष से निवेदन करते हैं कि वह पूरे मामले की जांच करे, उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराए, सीमा पर रहने वाले सैनिकों को सख्ती से अनुशासित करे और ऐसी घटनाओं को फिर से न होने देने के लिए सभी भड़काऊ कृत्यों को तुरंत रोके।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 13 Aug 2020 4:06 PM GMT

उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: चीन ने भारत से कहा-गलवान में झड़प कैसी हुई, जांच करे
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की फाइल फोटो
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नई दिल्ली: गलवान घाटी में भारतीय सेना के साथ हिंसक झड़प के बाद से चीन लगातार भारत पर निशाना साध रहा है। वह लगातार ऐसे उकसाऊ बयान दे रहा है।

जिससे दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट बढती ही जा रही है। गलवान घाटी में झड़प के बाद से कई बार दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर पर वार्ता भी हो चुकी है लेकिन चीन उन बातों पर अमल करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।

चीन ने 15 जून को हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय जवानों के मामले में पूरी तरह से जांच की बात कही है। चीन की ओर से भारत में चीनी दूतावास द्वारा प्रकाशित एक मासिक पत्रिका चाइना-इंडिया रिव्यू के जुलाई अंक में कहा गया है कि 15 जून को गलवान में संघर्ष के दौरान शहीद हुए 20 भारतीय सैनिकों के मामले में भारत को पूरी तरह से जांच करानी चाहिए।

'हर रिश्तों में हालात ऊपर-नीचे होते रहते हैं, हाल ही में सीमा पर जो विवाद हुआ उसके कारण भारत और चीन को अपने रिश्ते खराब नहीं करने चाहिए। साथ ही दोनों देशों के प्रमुखों ने जो विजन रखा है, उस पर आगे बढ़ना चाहिए।'

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गलवान घाटी की फाइल फोटो गलवान घाटी की फाइल फोटो

भड़काऊ कृत्यों को तुरंत रोके भारत: चीन

चीन की ओर से कहा गया है कि हम भारतीय पक्ष से निवेदन करते हैं कि वह पूरे मामले की जांच करे, उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराए, सीमा पर रहने वाले सैनिकों को सख्ती से अनुशासित करे और ऐसी घटनाओं को फिर से न होने देने के लिए सभी भड़काऊ कृत्यों को तुरंत रोके।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अपने भारतीय समकक्ष विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी इस संबंध में उस समय अनुरोध किया था, जब दोनों नेताओं ने 17 जून को फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान चीन की ओर से 'उल्लंघन करने वालों को पकड़ने' के लिए और 'सीमा पर (भारतीय) सैनिकों को कड़ाई से अनुशासन नहीं करने के लिए संघर्ष के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया।'

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बॉर्डर पैर सड़क निर्माण की फाइल फोटो बॉर्डर पैर सड़क निर्माण की फाइल फोटो

यहां बता दें कि कोविड -19 के दौर में जून में दोनों देशों की सेनाओं के बीच गलवान घाटी में टकराव हुआ था, इस दौरान भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी बढ़ गई।

दोनों ओर से बॉर्डर पर बड़ी तादाद में सेना के जवान तैनात कर दिए गये हैं। जो अभी भी बने हुए हैं। बॉर्डर पर लड़ाकू विमान और लड़ाकू हेलीकाप्टर भी तैनात किए गये हैं। बॉर्डर पर युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।

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