पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन आमने-सामने, सैन्य कर्मियों की तैनाती से बढ़ा तनाव

लद्दाख में एलएसी पर तनाव को कम करने की कोशिशों में अभी तक कामयाबी नहीं मिली है। दोनों देशों के स्थानीय कमांडरों की बातचीत में कोई नतीजा न निकल पाने के कारण तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।

अंशुमान तिवारी

नई दिल्ली। कोरोना संकट को लेकर पूरी दुनिया के निशाने पर आया चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एसएसी) पर चीन ने अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पैंगॉन्ग लेक और गाल्वन घाटी में भारतीय सैनिकों की संख्या में बढ़ोतरी कर दी है। दोनों देशों की ओर से सैन्य कर्मियों की तैनाती के कारण इलाके में तनाव बढ़ता दिख रहा है।

तनाव कम करने की कोशिशें विफल

लद्दाख में एलएसी पर तनाव को कम करने की कोशिशों में अभी तक कामयाबी नहीं मिली है। दोनों देशों के स्थानीय कमांडरों की बातचीत में कोई नतीजा न निकल पाने के कारण तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। जानकारों का कहना है कि भारत अभी तक चीन को समझाने की कोशिश में जुटा हुआ है मगर अभी तक इस मामले में कोई ठोस कामयाबी नहीं मिल सकी है।

भारत ने जताया कड़ा विरोध

गाल्वन घाटी में चीनी सेना की ओर से 100 तंबू गाड़े जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। चीन इलाके में बंकर बनाने वाली मशीनें और उपकरण भी ले आया है जिस पर भारतीय सेना के स्थानीय कमांडरों ने कड़ी आपत्ति जताई है। दोनों देशों के स्थानीय कमांडरों की बैठक में भारतीय पक्ष ने यह मुद्दा उठाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

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भारतीय सेना जवाब देने के लिए तैयार

जानकार सूत्रों का कहना है कि चीनी सेना के कदम को भापने के बाद भारतीय सेना ने भी पैंगॉन्ग लेक और गाल्वन घाटी में सैनिकों की संख्या में बढ़ोतरी की है। भारतीय सैनिक इलाके में आक्रामक गश्त करने में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि इलाके में किसी भी अवांछित गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है।

आर्मी चीफ के दौरे में बनी रणनीति

हाल में भारत के आर्मी चीफ जनरल मुकुंद नरवड़े ने इलाके का दौरा कर हालात की समीक्षा की थी। उन्होंनो स्थानीय कमांडरों के साथ बातचीत कर जवाबी रणनीति का पूरा खाका तैयार किया है। माना जा रहा है कि आर्मी चीफ के दौरे के बाद इलाके में भारतीय सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है।

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भारतीय गश्ती दल हिरासत में नहीं

इस बीच भारतीय सेना ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि चीनी सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में भारतीय गश्ती दल को हिरासत में ले लिया था। भारतीय सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इन रिपोर्टों में कोई दम नहीं क्योंकि ऐसी कोई घटना ही नहीं घटी। सेना का कहना है कि यह संवेदनशील मामला है और ऐसी बेबुनियाद रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए।

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