भारत-चीन विवाद: PM मोदी के समर्थन में उतरे चार मुख्यमंत्री, जानें क्या है मामला

लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। इसके बाद से ही कांग्रेस समेत कई अन्य विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर निशाना साध रही है।

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi interacts with the citizens of Varanasi via Video Conferencing, in New Delhi on March 25, 2020. (Photo: IANS)

नई दिल्ली: लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। इसके बाद से ही कांग्रेस समेत कई अन्य विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर निशाना साध रही है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर कुछ पार्टियों ने विवाद खड़ा कर दिया।

इस विवाद के बाद प्रधानमंत्री कार्यलय (पीएमओ) ने बयान जारी किया है। पीएमओ ने अपने बयान में कहा कि कुछ लोग जानबूझकर सर्वदलीय बैठक में दिए प्रधानमंत्री के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। अब इस बीच चार राज्यों के मुख्यमंत्रियी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में उतर आए हैं। मुख्यमंत्रियों ने कांग्रेस समेत उन तमाम विपक्षी पार्टियों को नसीहत दी है कि बेवजह विवाद खड़ा करने के बजाय एकजुटता दिखाए।

आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनार्ड संगमा और सिक्किम के मुखयमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बयान जारी कर केंद्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन किया है।

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जगनमोहन रेड्डी ने दी नसीहत

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री का समर्थन किया है। इसके साथ पीएम के बयान पर विवाद को जबर्दस्ती पैदा किया गया बताया और इस तरह की मानसिकता पर चिंता प्रकट की। उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस को नसीहत भी दी है। जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि कल की सर्वदलीय बैठक को लेकर सोच-समझ कर पैदा किए गए विवाद से दुखी हूं। यह वक्त अपने सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता दिखाने का है ना कि गलतियां ढूंढकर उंगली उठाने का।

 

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री और मंत्रियों ने सर्वदलीय बैठक में बहुत संतोषजनक जवाब दिए। राष्ट्र इस विषय पर एकजुट है और रहना भी चाहिए। एकता में ताकत होती है जबकि फूट से हम कमजोर होते हैं।

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ऑल पार्टी मीटिंग से हम सब खुश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के आॅफिस(सीएमओ) ने ट्वीट कर कहा है कि ‘वक्त राजनीति का नहीं, रणनीति का है’ शीर्षक से मुख्यमंत्री केसी राव का बयान ट्वीट किया। इसमें कहा गया है कि राजनीति में हमारे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हमसब देशभक्ति की डोर से एक-दूसरे से बंधे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने जब सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि दी तो उन्होंने हमारी तरफ से अपना नजरिया रखा और आश्वस्त किया कि भारत के हित हमेशा सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘ऑल पार्टी मीटिंग से हम सब खुश हैं।

 

सिक्किम के मुख्यमंत्री ने विपक्ष के व्यवहार पर जताई नाराजगी

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से चीन पर भारत का स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट हो गया था। पीएम ने आश्वस्त किया कि सरकार भारतीय हितों से समझौता नहीं करेगी। हर व्यक्ति को अपने सुरक्षा बलों पर भरपूर विश्वास है कि वो हर नापाक हरकत को नाकाम करेंगे।

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कांग्रेस का बयान बेतुका

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने भी भारत-चीन विवाद पर कांग्रेस पर हमला बोला और उसके बयानों को बेतुका बताया। सीएम कोनराड संगमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल की सर्वदलीय बैठक के दौरान भारत-चीन के ताजा हालात का विस्तृत ब्योरा दिया। उनके जवाबों से बिल्कुल स्पष्ट हो गया कि संप्रुभता की रक्षा के मुद्दे पर भारत का संकल्प कितना मजबूत है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘बाकी सभी ‘बयानबाजियां’ नजरअंदाज की जा सकती हैं। ये न तो तथ्यात्मक हैं और न ही अपेक्षित।

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पीएम के इस बयान पर हंगामा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा था कि न तो किसी ने हमारी सीमा में प्रवेश किया है, न ही किसी भी पोस्ट पर कब्जा किया गया है। इस बयान पर कांग्रेस ने सवाल उठाया और कहा कि तो फिर 20 जवान कैसे शहीद हुए? कांग्रेस साथ मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (CPM समेत कुछ विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री के बयान और उनके कार्यालाय (PMO) की ओर से जारी उनके बयान को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया।

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