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गैंगरेप खुलासे से भूचाल: सच तो कुछ और ही निकला, फुटेज देख हिल गई MP पुलिस

इंदौर में मंगलवार के दिन एक सनसनीगेज वारदात सामने आई थी। इसमें एक 18 साल की फर्स्ट ईयर की छात्रा का ये आरोप था कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से पहले अपहरण कर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया।

Vidushi Mishra

Vidushi MishraBy Vidushi Mishra

Published on 21 Jan 2021 6:14 AM GMT

गैंगरेप खुलासे से भूचाल: सच तो कुछ और ही निकला, फुटेज देख हिल गई MP पुलिस
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सनसनीगेज वारदात को लेकर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। वारदात पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सोशल मीडिया का सहारा लेते तमाम सवाल उठाए थे।
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नई दिल्ली। इंदौर में मंगलवार को सनसनीगेज वारदात को लेकर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इस वारदात पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सोशल मीडिया का सहारा लेते तमाम सवाल उठाए थे। ऐसे में इस मामले को लेकर पुलिस कथित गैंगरेप के सवालों के सही जवाब ढूंढते-ढूंढते इस नतीजे पर पहुंची है कि क्या सच में गैंगरेप हुआ है या फिर ये मामला कुछ औऱ ही है। इस मामले के बारे में आईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने ऐसे खुलासे किए हैं जो बेहद चौंकाने वाले हैं।

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5 आरोपियों ने मारने की कोशिश की

दरअसल इंदौर में मंगलवार के दिन एक सनसनीगेज वारदात सामने आई थी। इसमें एक 18 साल की फर्स्ट ईयर की छात्रा का ये आरोप था कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से पहले अपहरण कर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया और फिर उसके बाद में उसे बोरे में बंद कर 5 आरोपियों ने उसे मारने की कोशिश की थी।

ऐसे में इस सनसनीखेज वारदात को लेकर प्रशासन, प्रदेश सरकार और इंदौर की कानून व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए थे, जिसका जबाव इंदौर पुलिस ने दिया। इस मामले के बारे में आईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने ऐसे खुलासे किए हैं जो बेहद चौंकाने वाले हैं।

इस बारे में खुलासा करते हुए आईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने बताया कि महिला अपराधों को लेकर पुलिस बहुत संवेदनशील है। हम देखें तो 2019 के मुकाबले 2020 में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक अलग-अलग अपराधों में कमी भी आई है।

बड़ा संवेदनशील मामला

आगे बताते हुए इस कड़ी में हम देखें तो मंगलवार को एक बड़ा संवेदनशील मामला सामने आया था, जिसमें महिला ने कई तरह की शिकायतें की और कुछ 4 से 5 लोगों के विरुद्ध 307 से लेकर के 376 तक की गम्भीर धाराएं लगी थीं।

जिसके चलते उस पूरे मामले को पुलिस ने अत्यंत गम्भीरता से लिया गया। उसमें पूरी पुलिस टीम ने घटना की पूरी जानकारी मिलते ही लगातार रातभर काम किया। घटना के संबंध में 150 के करीब सीसीटीवी फुटेज निकाले गए। फिर सभी तथ्यों का बारीकी से परीक्षण किया गया और अंत मे जो भी निष्कर्ष सामने आए उसके हिसाब से कहा जा सकता है कि घटना सही नहीं पाई गई है। इस घटना में बहुत सारे तथ्य विरोधाभासी पाए गए हैं।

gangrape फोटो-सोशल मीडिया

आगे बताते हुए घटना के समय के जो भी साक्ष्य, तथ्य, सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल परीक्षण से जुड़ी सारी चीजों को लेकर पुलिस ने जो तथ्य एकत्रित किये हैं, इन सभी चीजों को जोड़कर घटना काफी हद तक संदिग्ध पाई गई है। जिसके आधार पर जो भी तथ्य पाए गए उसके हिसाब से पुलिस आगे वैधानिक कार्रवाई करेगी।

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घटना का पूरा ढांचा तय

साथ ही आईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने ये भी कहा कि कोई भी शिकायत आती है तो पुलिस उसे सत्य मानकर विवेचना करती है और सबसे पहले उन तथ्यों का परीक्षण करती है जिन तथ्यों पर आरोप लगाए जाते हैं या घटना का पूरा ढांचा तय होता है।

वैसे तो पुलिस ने ताजा मामले को उतनी ही संवेदनशीलता के साथ लिया और पुलिस ने रात भर हर तथ्य से जुड़े बिंदु का परीक्षण किया और अंततः घटना में जो तथ्य आये, उसके आधार पर आरोप भ्रामक और निराधार पाए गए। अभी जितने भी तथ्यों की जानकारी ली गई है उनकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

फिलहाल पुलिस अब इन आरोपों के पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर युवती ने क्यों इस तरह के भ्रामक आरोप लगाए हैं। पुलिस की आगे की इन्वेस्टिगेशन में ये सारी बात सामने आएंंगी।

सारे तथ्यों को जुटा रही

इसमें आईजी ने बताया कि आईपीसी में समान रूप से कोई आरोप परीक्षण में झूठा पाया जाता है तो 182 और 211 के अंतर्गत आवेदक के विरुद्ध ख़ारजी की कार्रवाई की जाती है। पुलिस इस मामले में भी सारे तथ्यों को जुटा रही है।

आगे उन्होंने बताया कि इस मामले में जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया था, उससे पुलिस ने सभी चीजों और तथ्यों की पुष्टि की है लेकिन इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है क्योंकि गिरफ्तारी के पहले की आवश्यक शर्त होती है कि घटना से

जुड़े तमाम तथ्य, मेडिकल परीक्षण और आसपास वैज्ञानिक साक्ष्य हों, उनको सत्यापित किया जाए।

तो अगर सत्यापन में उन तथ्यों की पुष्टि होती है, तब ही गिरफ्तारी की जाती है। वहीं इस मामले में प्रथम दृष्टया ऐसा नहीं हो पाया, इसलिये किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई थी। हालाकिं इस मामले में जांच तेजी से जारी है।

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Vidushi Mishra

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Desk Editor

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