Top

आईएनएक्स मीडिया केस: चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति पर कसा शिकंजा, ईडी ने दाखिल की चार्जशीट

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया है।

Ashiki Patel

Ashiki PatelBy Ashiki Patel

Published on 3 Jun 2020 4:54 AM GMT

आईएनएक्स मीडिया केस: चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति पर कसा शिकंजा, ईडी ने दाखिल की चार्जशीट
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

अंशुमान तिवारी

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया है। ईडी ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इन दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इन दोनों के खिलाफ विशेष जज अजय कुमार की दिल्ली स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है। ईडी की ओर से पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई- चार्जशीट दाखिल की गई है। विशेष न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि अदालती कामकाज सामान्य होने के बाद आरोपपत्र की हार्ड कॉपी भी जमा की जाए।

ये भी पढ़ें: एक हफ्ते में दूसरी बार मोदी कैबिनेट की अहम बैठक, हो सकते हैं ये बड़े एलान

चार्जशीट में कई अन्य के भी नाम

ईडी की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति के अलावा उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएस भास्कर रमन और अन्य लोगों के भी नाम हैं। सीबीआई ने पिछले साल 21 अगस्त को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया था। बाद में पिछले साल 16 अक्टूबर को ईडी की ओर से आईएनएक्स मीडिया से जुड़े जुड़े मनी लांड्रिंग के एक मामले में भी उनकी गिरफ्तारी की गई थी। काफी दिनों तक जेल में रहने के बाद पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम को 22 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत मिल सकी थी।

ये भी पढ़ें: दिल्ली के तुगलकाबाद बाल्मिकी बस्ती में लगी आग, नुकसान की खबर नहीं

सीबीआई ने किया था जमानत का विरोध

सीबीआई की ओर से चिदंबरम को जमानत दिए जाने का जोरदार विरोध किया गया था। सीबीआई की ओर से दलील दी गई थी कि चिदंबरम ने अपने फायदे के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए आईएनएक्स मीडिया को लाभ पहुंचाया है। हालांकि ईडी की ओर से दर्ज किए गए मामले में भी चिदंबरम को पिछले साल 4 दिसंबर को जमानत मिल गई थी।

चिदंबरम पर आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया के लिए 305 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश दिलाने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी देने में नियमों का पालन नहीं किया गया। इस मामले में सीबीआई की ओर से 15 मई 2017 को केस दर्ज किया गया था।

ये भी पढ़ें: हरियाणा के सीएम का बयान-दिल्ली सरकार से बातचीत के बाद खोले जाएंगे बॉर्डर

कार्ति को ऐसे मिली विदेश यात्रा की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 17 जनवरी को पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बीस करोड़ वापस देने की इजाजत दे दी थी। कार्ति चिदंबरम ने विदेश यात्रा की अनुमति पाने के लिए अदालत की दृष्टि में बीस करोड़ रुपए जमा कराए थे जिसके बदले उन्हें विदेश यात्रा करने की अनुमति मिल गई थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के जनवरी और मई महीने में भी 10-10 करोड़ रुपए की राशि जमा कराई थी। यह रकम जमा कराने के बाद ही कार्ति को विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति मिली थी।

गले की फांस बना आईएनएक्स मीडिया मामला

आईएनएक्स मीडिया से जुड़ा यह मामला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के लिए गले की फांस बना हुआ है। हालांकि इसे लेकर कांग्रेस की ओर से मोदी सरकार पर लगातार हमले भी किए जाते रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार बदले की भावना से काम करते हुए पी चिदंबरम को ऐसे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है जिसमें कोई दम नहीं है। भाजपा की ओर से भी समय-समय पर इसका जवाब दिया गया है और भाजपा की दलील है कि कानून अपना काम कर रहा है।

ये भी पढ़ें: DDLJ के इस सुपरहिट गाना का हुआ था 23 बार रिजेक्शन, जानिए वजह…

Ashiki Patel

Ashiki Patel

Next Story