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जानिए कौन हैं इरमीम? जिसकी आज हर चौक–चौराहे पर हो रही चर्चा

जम्मू-कश्मीर के राजौरी की रहने वाली इरमीम शमीम एम्स- एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा पास करने वाली पहली गुर्जर लड़की बन गई है। ये परीक्षा उन्होंने 2019 में जून के महीने में दी थी।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 26 Aug 2019 11:43 AM GMT

जानिए कौन हैं इरमीम? जिसकी आज हर चौक–चौराहे पर हो रही चर्चा
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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के राजौरी की रहने वाली इरमीम शमीम एम्स- एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा पास करने वाली पहली गुर्जर लड़की बन गई है। ये परीक्षा उन्होंने 2019 में जून के महीने में दी थी।

उनके लिए ये परीक्षा पास करना आसान नहीं था। इसके लिए उन्हें तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। सभी जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर के हालात हमेशा से ही नाजुक रहे हैं और अभी भी वहां के हालात ज्यादा कुछ ठीक नहीं है।

वहां आतंकी गतिविधियों के चलते अक्सर कर्फ्यू लगे रहते हैं। ऐसे में स्कूल जाकर पढ़ाई करना काफी मुश्किल होता है।

राजौरी जिले के धनौर गांव की निवासी इरमीम शमीम गुर्जर समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स एमबीबीएस) की प्रवेश परीक्षा पास कर अपनी मंजिल पाई है।

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रोज 10 किलोमीटर पैदल चलकर जाती थीं स्कूल

बता दें कि इरमीम अपने सपनों को साकार करने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर का सफर तय करना होता था। बताया जाता है कि यह दूरी इरमीम पैदल ही तय करती थीं। इसकी वजह थी कि उनके गांव के पास कोई अच्छा स्कूल नहीं था।

इरमीम बताती हैं कि सभी के जीवन में कुछ न कुछ समस्या होती ही है लेकिन चुनौतियों से लड़ने पर ही सफलता आपके पास आएगी।

इस सफलता के बाद इरमीम के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। जिला विकास आयुक्त एजाज असद ने इरमीम की उपलब्धि की सराहना की। साथ ही उन्होंने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।

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बेटी डाक्टर बने घरवालों का है ये सपना

इरमीम के चाचा लियाकत चौधरी ने उनकी सफलता के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर की लड़कियां राज्य की आशा हैं। जम्मू और कश्मीर की लड़कियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीवन के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाई है।

बेटी की सफलता पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उनके घरवालों की चाहत है कि बेटी एक सफल डॉक्टर बनें और जम्मू कश्मीर और देश के लोगों की सेवा करे।

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Aditya Mishra

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