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छत्तीसगढ़: ITBP का कमाल, नक्सल प्रभावित जिले में शुरू किया ‘स्मार्ट’ स्कूल

आईटीबीपी के जवानों ने स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए स्मार्ट स्कूल यानी इंटरनेट-आधारित एक शिक्षा केन्द्र की शुरूआत की है। इंटरनेट से विभिन्न कार्टूनों के माध्यम से बच्चों को अंग्रेजी के अल्फाबेट आदि भी सिखाये जा रहे हैं।

Ashiki Patel

Ashiki PatelBy Ashiki Patel

Published on 18 Jan 2021 4:59 AM GMT

छत्तीसगढ़: ITBP का कमाल, नक्सल प्रभावित जिले में शुरू किया ‘स्मार्ट’ स्कूल
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छत्तीसगढ़: ITBP के जवानों का कमाल, नक्सल प्रभावित जिले में शुरू किया ‘स्मार्ट’ स्कूल
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रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य के नक्सल हिंसा प्रभावित एक जिले में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने एक सराहनीय कार्य किया है। आईटीबीपी के जवानों ने स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए स्मार्ट स्कूल यानी इंटरनेट-आधारित एक शिक्षा केन्द्र की शुरूआत की है। इंटरनेट से विभिन्न कार्टूनों के माध्यम से बच्चों को अंग्रेजी के अल्फाबेट आदि भी सिखाये जा रहे हैं।

ऐसे पढ़ाया जाता है

यह ‘स्मार्ट’ स्कूल नक्सल हिंसा प्रभावित कोंडागांव जिले के हदेली गांव में स्थित है। इस स्कूल में करीब 50 बच्चें हैं। इन बच्चों को जवानों द्वारा यूट्यूब वीडियो और अन्य ऑनलाइन शिक्षा पोर्टलों के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। कोंडागांव जिला मुख्यालय, मध्य भारतीय राज्य के दक्षिणी भाग में, राज्य की राजधानी रायपुर से 210 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है।

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ITBP के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, बल के जवान इन बच्चों को पढ़ाने के लिए अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि नेटवर्क कम होने के कारण जवान बांस के खंभे के माध्यम से अपने मोबाइलों को ऊंचाई पर रखते हैं और नेटवर्क को वाईफाई हॉटस्पॉट के जरिये लैपटॉप से जोड़ते है।

शाम को आयोजित होती हैं कक्षाएं

अधिकारी ने बताया कि स्क्रीन को एक प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों के लिए एक दीवार पर बढ़ाया जाता है। कक्षाएं आमतौर पर शाम को आयोजित की जाती हैं। उन्होंने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के उन जवानों को पढ़ाने के लिए रखा जाता है जो स्नातक हैं और स्कूल शिक्षा सत्र आयोजित करने के लिए प्रशिक्षित हैं।

जवान इन बच्चों से स्थानीय हल्बी बोली सीख रहे हैं

छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा प्रभावित इस जिले में सुरक्षा के लिए तैनात ये जवान इन बच्चों से स्थानीय हल्बी बोली भी सीख रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि इन सत्रों के दौरान बच्चों को एनीमेशन फिल्में और बुनियादी शिक्षण वीडियो भी दिखाए जाते हैं।

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Ashiki Patel

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