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लखटकिया कार लाख में नहीं मिली, लेकिन बिहार में लखटकिया नंबर जरूर मिलेगा

राज्य कैबिनेट की मंगलवार देर शाम हुई बैठक में यह फैसला हुआ कि सरकार अब दिखावे के नंबरों को राजस्व में बदलेगी। कैबिनेट की मुहर के साथ अब स्पेशल नंबरों का रेट बाकायदा जारी कर दिया गया है। 000 के बाद 1, 3, 5, 7 या 9 रहा तो लाख रुपए इसके लिए देना होगा। लाख रुपए की यह दर गैर-परिवहन वाहन के लिए है।

SK Gautam

SK GautamBy SK Gautam

Published on 7 Aug 2019 12:37 PM GMT

लखटकिया कार लाख में नहीं मिली, लेकिन बिहार में लखटकिया नंबर जरूर मिलेगा
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पटना: लखटकिया कार लाख रुपए में नहीं मिली, लेकिन बिहार में लखटकिया नंबर जरूर मिलेगा। जी हां, बिहार सरकार ने हर सीरीज के पांच नंबरों के लिए एक-एक लाख रुपए का रेट रखा है। यह नंबर हासिल करना है तो लाख रुपए सिर्फ इसके लिए देने होंगे। बिहार सरकार कैबिनेट ने पहली बार ऐसा फैसला लिया है।

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सरकार अब दिखावे के नंबरों को राजस्व में बदलेगी

राज्य कैबिनेट की मंगलवार देर शाम हुई बैठक में यह फैसला हुआ कि सरकार अब दिखावे के नंबरों को राजस्व में बदलेगी। कैबिनेट की मुहर के साथ अब स्पेशल नंबरों का रेट बाकायदा जारी कर दिया गया है। 000 के बाद 1, 3, 5, 7 या 9 रहा तो लाख रुपए इसके लिए देना होगा। लाख रुपए की यह दर गैर-परिवहन वाहन के लिए है।

परिवहन वाहन को यह मिला तो दर 35 हजार रुपए होंगे। मतलब साफ है कि निजी इस्तेमाल की गाड़ियों में फैशन और रसूख दिखाने के लिए नंबर लेंगे तो रसूख के हिसाब से भुगतान भी करना होगा। 00 के बाद 02, 04, 06, 08 या 10 रहे तो इसके लिए गैर-परिवहन की गाड़ियों को 75 हजार रुपए देने होंगे, जबकि परिवहन गाड़ियों को यह नंबर 25 हजार में मिलेंगे।

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सबसे कम स्पेशल रेट 0120 टाइप या 1010 जैसे नंबरों के लिए हैं

0011 टाइप नंबर 0099 तक इसी रेट पर मिलेंगे। 0111 टाइप नंबर भी 0999 तक इसी रेट पर होंगे। 0123 या 1234 टाइप नंबरों के लिए 75 हजार और 25 हजार का रेट रखा गया है।

सबसे कम स्पेशल रेट 0120 टाइप या 1010 जैसे नंबरों के लिए हैं। ऐसे नंबरों को गैर-परिवहन वाली गाड़ियों पर लगाने के लिए 25 हजार और परिवहन वाली गाड़ियों के लिए 15 हजार रुपए खर्च करने होंगे।

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