जानिए कैसे हुआ कर्ज में डूबी एस्सार स्टील को 4,229 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने पिछले सप्ताह एक हलफनामे में कहा कि उसके समाधान पेशेवर ने सूचना दी है कि अगस्त 2017 से फरवरी 2019 के बीच परिचालन से 4,000 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।

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नयी दिल्ली: कर्ज में डूबी एस्सार स्टील को कंपनी ऋण शोधन अक्षमता समाधान अवधि (600 दिन से अधिक) के  दौरान परिचालन में ब्याज, कर, मूल्य ह्रास और एमोर्टाइजेशन के प्रावधान करने से पहले 4,229 करोड़ रुपये का लाभ हुआ।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने पिछले सप्ताह एक हलफनामे में कहा कि उसके समाधान पेशेवर ने सूचना दी है कि अगस्त 2017 से फरवरी 2019 के बीच परिचालन से 4,000 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। इसके अलावा सूचना के अनुसार इस साल मार्च में परिचालन से 229 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया है।

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अपीलीय न्यायाधिकरण के निर्देश पर यह हलफनामा दायर किया गया है।  न्यायाधिकरण ने सात मई 2019 को एस्सार स्टील के पेशेवर को कंपनी की ऋण शोधन अक्षमता संहिता के तहत परिचालन लाभ के बारे में ब्योरा देने को कहा गया है।

हालांकि हलफनामा में कहा गया है कि एक अप्रैल 2019 से अबतक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ऋण शोधन अक्षमता और दिवाला संहिता 2016 की धारा 7 के तहत आवेदन स्वीकार होने के बाद एस्सार स्टील की समाधान प्रक्रिया दो अगस्त 2017 को शुरू हुई।

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कर्जदाताओं की समिति ने इस्पात क्षेत्र की दिग्गज कंपनी आर्सेलर मित्तल की 42,000 करोड़ रुपये की अधिग्रहण योजना के पक्ष में मतदान किया। बाद में एनसीएलटी ने भी समाधान योजना को मंजूरी दे दी।

 

(भाषा)