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ब्याज पर ब्याजः आज मिल सकती है राहत, सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला
लोन मोरेटोरियम मामले में सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की ओर लगी हुई जो गुरुवार को इस मामले में पहले से निर्धारित तिथि के अनुसार मामले की सुनवाई करने जा रहा है।
अखिलेश तिवारी
लखनऊ: लोन मोरेटोरियम मामले में सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की ओर लगी हुई जो गुरुवार को इस मामले में पहले से निर्धारित तिथि के अनुसार मामले की सुनवाई करने जा रहा है। पहले सुनवाई दो नवंबर को होनी थी लेकिन केंद्र सरकार ने सॉलिसिटर जनरल की व्यस्तता का हवाला देते हुए तिथि बढाने की मांग की थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने पांच नवंबर की तारीख तय कर दी थी। इस बीच आज से लोन मोरेटोरियम मामले में बैंकों की ओर वसूले जा चुके बयाज पर ब्याज की वापसी भी की जा रही है।
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सुनवाई पर सभी की निगाहें
सुप्रीम कोट्र के जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की बेंच पिछले छह महीने से लोन मोरेटोरियम वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है. पांच नवंबर को होने वाली सुनवाई में इससे संबंधित सभी याचिकाओं को शामिल किया गया है। लोगों की निगाहें आज सुप्रीम कोर्ट की ओर बेसब्री से लगी हुई हैं। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि कोर्ट इस मामले में अब क्या रुख अपनाएगा। यह सुनवाई तब होने जा रही है जबकि केंद्र सरकार राहत का आदेश जारी कर चुकी है।
केंद्र सरकार ने मार्च 2020 से लेकर अगस्त 2020 तक लोन लेने वाले ग्राहकों को लोन मोरेटोरियम की सुविधा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने पिछली बार बताया था कि वह ब्याज पर ब्याज वसूल रहे बैंकों की भरपाई करने के लिए तैयार है तब शीर्ष अदालत ने सरकार से कहा था कि सरकार को जल्द से जल्द ब्याज माफी योजना लागू करनी चाहिए. अदालत ने लोगों के दीपावली पर्व का हवाला भी दिया और कहा कि त्यौहार की खुशियां इस बार सरकार के हाथों में है।
बैंक आज से दे रहे हैं कैशबैक
केंद्र सरकार के लोन मोरेटोरियम ऐलान के बावजूद बैंकों ने बडी तादाद में अपने ग्राहकों से ब्याज पर ब्याज वसूल लिया है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान 14 अक्टूबर को जब केंद्र सरकार ने बैंकों के ब्याज की भरपाई का भरोसा दिलाया तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ब्याज पर ब्याज माफी स्कीम को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए. इस पर केंद्र ने सर्कुलर जारी करने के लिए 15 नवंबर तक का वक्त मांगा था..सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में बताया था कि सरकार 15 नवंबर तक इससे जुड़ा सर्कुलर जारी कर देगी.
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इसे ठुकराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 2 नवंबर तक सर्कुलर जारी करने का आदेश दिया था.कोर्ट ने कहा कि जब फैसला हो चुका है तो उसे लागू करने में इतना समय क्यों लगना चाहिए. इसी क्रम में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी कर दिया है और बैंकों की ओर से कई ग्राहकों को इस बारे में संदेश भी मिल चुका है कि उनसे वसूले गए ब्याज पर ब्याज की रकम को पांच नवंबर को उन्हें वापस कर दिया जाएगा। ऐसे में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में क्या होगा इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।