रेल मंत्री और महाराष्ट्र सरकार में वार, जानिए क्या है जंग की वजह

उद्धव ठाकरे और पीयूष गोयल के बीच ट्रेन की कमी को लेकर ट्विटर वॉर शुरु हो गया हैं। महाराष्ट्र सरकार यात्रियों की नई लिस्ट तैयार कर रही है। इस लिस्ट के जरिए महाराष्ट्र सरकार केंद्र से ज्यादा ट्रेनों की मांग करेगी। पीयूष गोयल के ट्वीट के बाद सूची बनाने की तैयारी हो रही है।

Published by suman Published: May 27, 2020 | 10:33 am

मुंबई: उद्धव ठाकरे और पीयूष गोयल के बीच ट्रेन की कमी को लेकर ट्विटर वॉर शुरु हो गया हैं। महाराष्ट्र सरकार यात्रियों की नई लिस्ट तैयार कर रही है। इस लिस्ट के जरिए महाराष्ट्र सरकार केंद्र से ज्यादा ट्रेनों की मांग करेगी। पीयूष गोयल के ट्वीट के बाद सूची बनाने की तैयारी हो रही है।

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पूरा मामला

उद्धव ठाकरे ने  प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन की कमी का आरोप लगाया था। इस पर  रेल मंत्री ने उद्धव ठाकरे के कम ट्रेनें मिलने के आरोपों को गलत कहते हुए दावा किया था कि रेलवे महाराष्ट्र को 125 ट्रेनें देने के लिए तैयार है लेकिन महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कल शाम सात बजे से लेकर रात के 2 बजे तक एक के बाद एक कई ट्वीट किए उद्धव ठाकरे के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि कई घंटों तक ट्रेनों के जाने की जगहों और यात्रियों की जानकारी मांगे जाने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार ने चुप्पी साधे रखी।

उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि कि मजदूरों के लिए रेलवे महाराष्ट्र सरकार को पर्याप्त ट्रेन नहीं उपलब्ध करा रही है। उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि उनकी सरकार प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए 80 ट्रेनों की मांग कर रही है, लेकिन केंद्र हर रोज सिर्फ 30 से 40 ट्रेनें ही उपलब्ध करा रहा है।

 

निराधार आरोप

उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद रेल पीयूष गोयल ने ट्वीट किया। रेल मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने झूठ बोला है कि उन्होंने 80 ट्रेनों की मांग की थी, लेकिन 30-40 ट्रेनें ही मिलीं। हमने उन्हें 125 ट्रेनों का ऑफर दिया। वे ट्रेनों की डीटेल नहीं दे पाए। उन्होंने केवल 41 ट्रेनों की डीटेल दी है।

उधर, इस पूरे विवाद पर मंगलवार शाम को रेल मंत्री ने बयान दिया। पीयूष गोयल ने ट्वीट किया कि रेलवे ने मंगलवार को 145 ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई थी। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात 11 बजे तक 140 ट्रेनें तैयार थीं, लेकिन यात्रियों की कमी की वजह से इसमें से 62 ट्रेनें ही प्रस्थान कर पाईं।रेलवे कर्मचारी दिनरात एक करके लोगों को गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। ट्रेनों को सात से नौ दिन लगते हैं, ये आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।

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अनिल देशमुख के निशाने पर रेलमंत्री

रेल मंत्री के इस बयान के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री पीयूष गोयल लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सबको पता है 22 मई को बंगाल में अम्फान तूफान आया था। बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने 22 मई को रेलवे को पत्र लिखा और बताया कि वह 26 मई तक प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन नहीं चाहते हैं। पीयूष गोयल गंदी राजनीति कर रहे हैं।

कोरोना महामारी के दौर में भी राजनीति हो रही है। अनिल देशमुख ने कहा कि मैं रेल मंत्री को सलाह देता हूं कि वह गंदी राजनीति नहीं करें। देश में कोरोना मरीजों की संख्या 1 लाख 40 हजार के करीब पहुंच गई है। सबसे ज्यादा हालत खराब महाराष्ट्र की है। महाराष्ट्र में कोरोना के 50,000 से ज्यादा केस मिले हैं। राज्य में कोरोना से अब तक 1635 लोगों की मौत हो चुकी है।

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