‘बैट वुमन’ ने दी चेतावनी: दुनिया के लिए खतरा बनेगा कोरोना से भी खतरनाक वायरस

‘बैैट वुमन’ के नाम से दुनिया भर में मशहूर चीन की शी झेंगली ने चेतावनी दी है कि चमगादड़ जैसे जानवरों में कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक वायरस मौजूद हैं।

अंशुमान तिवारी

बीजिंग: ‘बैैट वुमन’ के नाम से दुनिया भर में मशहूर चीन की शी झेंगली ने चेतावनी दी है कि चमगादड़ जैसे जानवरों में कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक वायरस मौजूद हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस से घबराने वालों को समझना होगा कि असली समस्या तो इससे भी ज्यादा बड़ी है। अगर समय रहते घातक वायरसों का पता नहीं लगाया गया तो दुनिया को कोरोना से भी ज्यादा बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें: कोरोना पर वैज्ञानिकों का दावा, हाथ की ये उंगली बताएगी मौत का कितना है खतरा

असली समस्या कोरोना से भी बड़ी

दुनिया भर में कोरोना वायरस की शुरुआत वुहान से मानी जा रही है। अमेरिका का तो खुला आरोप है कि वुहान की लैब से ही इस वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैला है। झेंगली जानवरों व चमगादड़ों पर शोध के लिए मशहूर हैं और इस महिला वायरोलॉजिस्ट को बैट वुमन के नाम से जाना जाता है।

 

वुहान इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी की डिप्टी डायरेक्टर झेंगली का कहना है कि कोरोना वायरस तो सिर्फ समस्या का एक पहलू है। हमें इस बात को समझना होगा कि असली समस्या तो इससे काफी बड़ी है। चमगादड़ में कई खतरनाक वायरस मौजूद हैं जो फिर से पूरी दुनिया को महामारी की चपेट में ढकेल सकते हैं।

ये भी पढ़ें: भीषण गर्मी का कहर: चूरू में पारा 50 डिग्री पर पहुंचा, दिल्ली-हरियाणा में टूटा रिकॉर्ड

समय रहते पता लगाना होगा

झेंगली ने कहा कि दुनिया को समय रहते चमगादड़ जैसे जानवरों में मौजूद कोरोना से ज्यादा खतरनाक वायरस का पता लगाना होगा। ऐसा न करने पर दुनिया को और महामारी का संकट झेलना पड़ सकता है। उनका कहना है कि कोरोना वायरस का सामना करने के लिए पूरी दुनिया को साथ मिलकर काम करना होगा। इस वायरस को हराना इतना आसान नहीं है जितना कि समझा जा रहा है।

शोध के संबंध में पारदर्शी रुख जरूरी

उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की सरकारों और वैज्ञानिकों को वायरसों के बारे में हो रहे शोध के संबंध में पारदर्शी रुख अपनाना होगा। वैज्ञानिकों को वायरसों के संबंध में अधिक से अधिक शोध करने की जरूरत है। चीन पर समय रहते कोरोना वायरस के बारे में दुनिया को सही जानकारी न देने का आरोप लगता रहा है। इस पर सफाई पेश करते हुए झेंगली ने कहा कि ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है। विज्ञान का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और यदि ऐसा किया जाता है तो यह काफी दुखद है।

ये भी पढ़ें: गुलाम का क्या है मतलब? जानिए ताश के हर इक्के का ज्योतिषीय कमाल

समस्याओं के जाल में फंसा चीन

कोरोना महामारी के बाद चीन भी विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहा है। चीन की सरकार के सामने एक बड़ी समस्या युवाओं को नौकरी देने की है। कोरोना संकट के कारण दुनिया के अन्य देशों की तरह चीन में भी लाखों युवा अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। जो युवा अपनी नौकरी बचाने में कामयाब हो सके हैं उनकी तनख्वाह काफी कम हो गई है।

चीन में इस साल 80 लाख से अधिक युवा ग्रेजुएट हो जाएंगे और इन युवाओं को नौकरी देने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इसके साथ ही अमेरिका से रिश्तों में आई तल्खी ने भी चीन के लिए समस्या खड़ी की है। चीन हांगकांग और ताइवान की समस्या को सुलझाने में भी जुटा है मगर इन समस्याओं का समाधान भी आसान नहीं लग रहा।

ये भी पढ़ें: काशी विश्वनाथ धाम से जोड़े जाएंगे UP के प्रवासी मजदूर, रोजगार देने की कवायद