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भाजपा के खिलाफ ममता का बड़ा दांव, सरस्वती पूजा को लेकर TMC का मेगा प्लान

भाजपा की ओर से चौतरफा घेरेबंदी किए जाने के बाद ममता भी सियासी बिसात पर काफी सधी हुई चालें चलने में जुट गई हैं। पार्टी की ओर से सरस्वती पूजा के मौके को भुनाने के लिए मेगा प्लान तैयार किया गया है

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 10 Feb 2021 4:06 AM GMT

भाजपा के खिलाफ ममता का बड़ा दांव, सरस्वती पूजा को लेकर TMC का मेगा प्लान
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भाजपा के खिलाफ ममता का बड़ा दांव, सरस्वती पूजा को लेकर TMC का मेगा प्लान (PC: social media)
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा के चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दांव चला है। तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता ने बंगाल में सरस्वती पूजा को लेकर पार्टी की ओर से एक बड़ी योजना तैयार की है।

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भाजपा के तुष्टीकरण के आरोपों का जवाब देने के लिए इसे ममता का बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है। दरअसल ममता अब पश्चिम बंगाल में ध्रुवीकरण की आशंका को खत्म करने की कोशिश में जुटी हुई हैं और उनकी इस घोषणा को भी उनकी इसी मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है।

सरस्वती पूजा पर भव्य आयोजन की तैयारी

भाजपा की ओर से चौतरफा घेरेबंदी किए जाने के बाद ममता भी सियासी बिसात पर काफी सधी हुई चालें चलने में जुट गई हैं। पार्टी की ओर से सरस्वती पूजा के मौके को भुनाने के लिए मेगा प्लान तैयार किया गया है और पूजा को बड़े पैमाने पर मनाने का फैसला किया गया है।

पार्टी ने विशेष तौर पर हुगली जिले पर फोकस करने का फैसला किया है और जिले की 18 विधानसभा सीटों पर पार्टी की ओर से सरस्वती पूजा पर भव्य आयोजन करने की तैयारी है।

125 स्थानों पर किया जाएगा आयोजन

टीएनसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी की ओर से 125 स्थानों पर सरस्वती पूजा का कार्यक्रम कराया जाएगा। इसके साथ ही हुगली जिले में मां सरस्वती की झांकी भी निकालने की तैयारी है।

ममता बनर्जी ने पिछले साल भी सरस्वती पूजा के मौके पर तीन दिनों की छुट्टी का एलान कर लोगों को संतुष्ट करने की कोशिश की थी। इस बार भी वे सरस्वती पूजा के बहाने हिंदू मतदाताओं को साधने की कोशिश में जुट गई हैं। सरस्वती पूजा के मौके पर भव्य आयोजन को उनकी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

दुर्गापूजा पर भी उठाया था बड़ा कदम

सियासी जानकारों का कहना है कि भाजपा की ओर से लगाए जा रहे तुष्टीकरण के आरोपों के बाद ममता बनर्जी काफी सतर्क हो गई हैं। वे अपनी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और पार्टी कार्यक्रमों के जरिए भाजपा को जवाब देने की कोशिश में जुटी हुई हैं।

इसका नमूना उन्होंने पिछले साल दुर्गा पूजा के मौके पर भी पेश किया था। दुर्गा पूजा से पहले राज्य की सभी दुर्गापूजा समितियों को 50-50 हजार की आर्थिक मदद देने की बड़ी घोषणा की गई थी।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी एलान किया था कि नगर निगम, दमकल विभाग, अन्य नगर निकाय और पंचायतें व अन्य सरकारी विभाग दुर्गापूजा के दौरान अपनी-अपनी सेवाओं के लिए किसी भी दुर्गा समिति से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लेंगे। उन्होंने बिजली पर भी 50 फीसदी छूट देने की घोषणा की थी।

इसे हिंदू मतदाताओं को साधने की बड़ी कोशिश माना गया था और अब ममता ने सरस्वती पूजा के मौके पर भी बड़ा एलान करके भाजपा को जवाब देने का प्रयास किया है।

रथयात्राओं के जरिए ममता की घेरेबंदी

उधर भारतीय जनता पार्टी ममता की घेरेबंदी में जुटी हुई है। भाजपा परिवर्तन रथयात्राओं के जरिए ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है। नवद्वीप से भाजपा की रथयात्रा की शुरुआत के 72 घंटे बाद ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा दोबारा पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंच गए और उन्होंने तारापीठ में भाजपा की परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इससे समझा जा सकता है कि भाजपा पश्चिम बंगाल की सियासी लड़ाई को कितना महत्व दे रही है।

बंगाल में तानाशाही का आरोप

तारापीठ में ममता पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि ममता को मां, माटी और मानुष तीनों की चिंता नहीं है और वे तानाशाही के बल पर पश्चिम बंगाल का शासन चलाती रही हैं। उन्होंने टीएमसी पर बंगाल के कल्चर को बर्बाद करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता ने अब राज्य में बदलाव करने का फैसला कर लिया है।

नड्डा ने कहा कि पीएम मोदी राज्य के विकास में लगे हुए हैं और वे जब भी पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए हैं, कभी खाली हाथ नहीं आए। वे हमेशा पश्चिम बंगाल का ख्याल करते रहे हैं और भाजपा की सरकार बनने पर पश्चिम बंगाल विकास के रास्ते पर चल पड़ेगा।

BJP-TMC BJP-TMC (PC: social media)

ममता के खिलाफ योगी को उतारने की तैयारी

भाजपा ने बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के लिए ममता के खिलाफ जल्दी ही कई बड़े नेताओं को उतारने की तैयारी की है। जय श्रीराम के नारे पर भड़कने वाली ममता के खिलाफ जल्द ही उत्तर प्रदेश के फायरब्रांड नेता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अखाड़े में कूदेंगे।

भाजपा की चुनावी संभावनाओं को मजबूत बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ 13 फरवरी को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। योगी आदित्यनाथ बीरभूम जिले में किरनहर में भाजपा की रथयात्रा में शामिल होंगे। योगी के रथयात्रा में शामिल होने पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।

राजनाथ और स्मृति ईरानी का भी दौरा

योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व स्मृति ईरानी का भी पश्चिम बंगाल दौरे का कार्यक्रम तैयार किया गया है। राजनाथ सिंह बुधवार को बीरभूम जिले में मल्लारपुर और बटाला में रथयात्रा में शिरकत करेंगे।

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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी बीरभूम जिले के ही दुबराजपुर में परिवर्तन रथयात्रा में शामिल होंगी। जानकारों का मानना है कि भाजपा बड़े नेताओं को उतारकर चुनावी हवा को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुट गई है।

रिपोर्ट- अंशुमान तिवारी

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