जेल में ही सड़ जाएगा मौलाना साद, किया इतना बड़ा गुनाह, पुलिस को मिले अहम सुराग

भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोज नये केस तेजी के साथ सामने आ रहे हैं। वहीं मौत का आंकड़ा भी बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक यूपी, नई दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा केस तबलीगी जमात से जुड़े हुए है।

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोज नये केस तेजी के साथ सामने आ रहे हैं। वहीं मौत का आंकड़ा भी बढ़ता ही जा रहा है।

अभी तक यूपी, नई दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा केस तबलीगी जमात से जुड़े हुए है। तबलीगी जमात का मुखिया मौलाना साद 26 दिन भी बाद दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम हर उस जगह पर छापेमारी कर रही है। जिसका ताल्लुक मौलाना साद से है।

साउथ-ईस्ट दिल्ली के जाकिर नगर में पहले मौलाना साद के क्वारंटीन होने की चर्चा थी, जिसका पीरियड खत्म होने के 10 दिन बाद भी वह सामने नहीं आए हैं।

मेवात में छिपा हो सकता है मौलाना साद

क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को शामली में छापेमारी की, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। सूत्र बताते हैं कि क्राइम ब्रांच के पास अभी साद की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। केवल कुछ इनपुट्स मिले है। जिसके मुताबिक मौलाना साद  हरियाणा के मेवात में छिपा हो सकता है।

क्राइम ब्रांच की टाइम हरियाणा पुलिस के सम्पर्क में है और लगातार इस मामले पर नजर बनाये हुए है। फिलहाल देशभर में एक हजार से ज्यादा जमातियों के ठिकानों के बारे में पुलिस और प्रशासन अनजान हैं। इनके सामने नहीं आने से इनकी वजह से कोरोना का खतरा बरकरार है।

बता दें कि पिछले महीने निजामुद्दीन मरकज के भीतर हजारों की संख्या में लोग आए थे। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि देश में 4291 जमाती कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जो भारत के कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों का 29.8 फीसदी है।

इनकी वजह से 23 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोरोना से प्रभावित हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये सिर्फ अभी तक पॉजिटिव पाए गए मरीज हैं। सैकड़ों जमीत क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे हैं, जिनके भीतर भी वायरस होने की आशंका है।

 

तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद ने की अपील, रमजान में घरों में रहकर करें इबादत

मौलाना साद के बदले सुर

तबलीगी जमात के प्रमुख साद के कई ऑडियो टेप पुलिस के हाथ लगे हैं। मरकज में जमातियों को संबोधित करते हुए 21 मार्च को मस्जिद को मरने की सबसे अच्छी जगह बताने वाले उनके ऑडियो को छोड़ दें तो मौलाना ने इसके बाद से जमातियों को पुलिस और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है

। वह क्राइम ब्रांच के दो नोटिस का जवाब भेज चुके हैं। वह जांच अधिकारी को एफआईआर की कॉपी सौंपने और बाद में जोड़ी धाराओं की जानकारी हासिल करने के लिए एक पत्र लिख चुके हैं। रमजान के लिए हिदायत देते हुए उनका ऑडियो आया था, जिसमें उन्होंने जमातियों से सरकार की गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की है।

इन सब के बावजूद, वह खुद अब तक सामने नहीं आए हैं। हालांकि वह कह चुके हैं कि क्राइम ब्रांच के नोटिसों का जवाब देकर वह तफ्तीश में शामिल हो चुके हैं। पुलिस की तरफ से जब भी उन्हें नोटिस मिलेगा तो वह चले आएंगे।

क्राइम ब्रांच ने उनसे एम्स या किसी सरकारी अस्पताल से कोविड-19 का टेस्ट कराकर रिपोर्ट भेजने को कहा है, जो अब तक जांच एजेंसी के पास नहीं पहुंची है। अब सवाल ये है कि मौलाना हैं कहां?

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कई जमाती क्वारंटीन

उधर पुरानी दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के कई मस्जिदों से सैकड़ों जमाती बरामद किए गए। इनमें विदेशी और महिलाएं भी शामिल थीं। चीन, इंडोनेशिया, सूडान, मलयेशिया, नेपाल, फ्रांस, माली, मोरक्को, थाईलैंड, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, सऊदी अरब, सीरिया, फिलिस्तीन और बांग्लादेश के नागरिक देशभर में फैल गए। इनमें कोरोना पॉजिटिव मिलने वालों की तादाद काफी है। फिलहाल फिट दिख रहे जमातियों को क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है।

साद की कुंडली खंगालने में जुटी ईडी

ईडी अब जल्द ही मौलाना को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। ईडी पैसे भेजने वाले लोगों और उनके अकाउंट, इस पैसे को खर्च करने को लेकर जांच कर रही है। जांच के दौरान मरकज से उर्दू में मिले दस्तावेजों से विदेश से पैसा आने के सबूत मिले हैं।

इन्हें एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट (ईडी) को सौंप दिए गए हैं। अब ईडी इस रकम के सोर्स का पता लगा रही है। अब तक मरकज के नाम पर कोई ट्रस्ट नहीं मिला है। उनके 5 करीबियों से पूछताछ की गई है, जिनमें मनी चेंजर और ट्रेवल एजेंट भी शामिल हैं। इन दोनों से कुछ अहम जानकारी मिलने की बात सामने आई है।

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