3 हजार किमी की गांधी शांति यात्रा: CAA के विरोध में शुरू हुआ बड़ा प्रदर्शन

यात्रा में किसान संगठनों समेत विभिन्न संगठनों के हिस्सा लेने की संभावना है। संवाददाता सम्मेलन में सिन्हा के साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और विदर्भ से कांग्रेस नेता आशीष देशमुख मौजूद थे। जानकारी के अनुसार इस यात्राा में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है।

मुंबई: पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NPR) के विरोध में गुरुवार को ‘गांधी शांति यात्रा’ की शुरुआत की। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से 3000 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सीएए को वापस लेने की मांग की

इस यात्रा में वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रकाश अंबेडकर और अन्य नेता शामिल हुए। पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा सीएए को वापस लेने और दिल्ली के जेएनयू हमले जैसी ‘सरकार प्रायोजित हिंसा’ की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने की मांग को लेकर ये यात्रा कई राज्यों से गुजरेगी।

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दिल्ली के राजघाट पर समाप्त होगी यह यात्रा

सिन्हा ने मुंबई में पत्रकारों से कहा कि ‘गांधी शांति यात्रा’ के दौरान सरकार से यह मांग भी की जाएगी कि वह संसद में घोषणा करे कि राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) नहीं कराई जाएगी। यात्रा महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा से होकर 30 जनवरी को दिल्ली के राजघाट पर समाप्त होगी। इस दौरान तीन हजार किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा।

यात्राा में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना

यात्रा में किसान संगठनों समेत विभिन्न संगठनों के हिस्सा लेने की संभावना है। संवाददाता सम्मेलन में सिन्हा के साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और विदर्भ से कांग्रेस नेता आशीष देशमुख मौजूद थे। जानकारी के अनुसार इस यात्राा में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है।

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