नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का पेश किया दावा

ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी संसदीय दल की बैठक में  नरेंद्र मोदी को बीजेपी संसदीय दल के नेता चुन लिया गया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी के नाम प्रस्ताव रखा। 

नई दिल्ली: ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी संसदीय दल की बैठक में  नरेंद्र मोदी को बीजेपी संसदीय दल के नेता चुन लिया गया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी के नाम प्रस्ताव रखा। इसके बाद एनडीए संसदीय दल की बैठक में नरेंद्र मोदी एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया। एनडीए के तरफ से शिरोमणी अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल ने प्रस्ताव रखा था।

यह भी पढ़ें…आलिया की ‘ब्रह्मास्त्र’ में अमिताभ बच्चन के अलावा नजर आएगा यह सुपरस्टार

बीजेपी ने जीतने वाले अपने सांसदों से मतगणना के दिन ही दिल्ली आने का बुलावा भेज दिया था। उन्हें सर्टिफिकेट लेकर 25 मई को दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया गया था। आज सभी सांसद अपनी जीत का सर्टिफिकेट लेकर संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में औपचारिक रूप से नरेंद्र मोदी को बीजेपी संसदीय दल का नेता चुना जाएगा।

NDA ने पेश किया सरकार बनाने का दावाएनडीए ने राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा किया है। रात लगभग साढ़े आठ बजे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के नेता ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उन्हें सरकार बनाने का समर्थन पत्र सौंपा। अमित शाह के साथ शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल, राजनाथ सिंह, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, सुषमा स्वराज, उद्धव ठाकरे, नितिन गडकरी, के पलानीस्वामी, कोनार्ड संगमा, निफियो रियो शामिल थे।

नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया

एनडीए नेताओं द्वारा राष्ट्रपति को समर्थन पत्र सौंपे जाने के बाद नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। थोड़ी देर पहले ही पीएम को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया है। बता दें कि 353 सांसदों के साथ एनडीए को चुनाव में प्रचंड बहुमत मिला है।

PM Shri Narendra Modi's address at Central Hall of Parliament : 25 May 2019

PM Shri Narendra Modi's address at Central Hall of Parliament : 25 May 2019

Rahul Sinha ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶನಿವಾರ, ಮೇ 25, 2019

 

संसदीय दल की बैठक के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एनडीए के सहयोगियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल, लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान, अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल शामिल हो सकती हैं। इस बैठक में मंत्रिमंडल बंटवारे पर चर्चा होने की संभावना है।

यह भी पढ़ें…बंगाल में BJP को मिले TMC के मुकाबले तीन गुना पोस्टल वोट

सूत्रों की मानें तो मोदी 30 मई को शपथ ले सकते हैं। शपथ लेने से पहले नरेंद्र मोदी अपने गृह राज्य गुजरात भी जाएंगे। यहां वह अपनी मां हीरा बेन से भी मिलेंगे और जीत का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी जाएंगे।

सेंट्रल हाल में अमित शाह ने बोलते हुए कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और कामाख्या से कच्छ तक जनता ने मोदी जी के समर्थन में मतदान किया है। चुनाव प्रक्रिया के समय देश में हर जगह मोदी जी की सुनामी दिखाई देती थी, इस सुनामी ने विपक्षी पार्टियों को ध्वस्त कर दिया है।

नरेन्द्र मोदी एक्सपेरिमेंट सफल रहा

अमित शाह ने कहा कि जिस प्रकार से मोदी जी ने पांच साल शासन चलाया उसको देश की जनता ने स्वीकारा है, वो बताता है कि देश की जनता ने नरेन्द्र मोदी एक्सपेरिमेंट को मन से फिर एक बार स्वीकारा है, ये प्रयोग सफल रहा है।

परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण को जनता ने नकारा

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि देश के चुनाव में अमूमन परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण देखने को मिलता था, लेकिन इस चुनाव में जनता ने परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

अमित शाह ने कहा कि जनादेश हमारे देश की खूबसूरती को दिखाता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 22 करोड़ परिवार के जीवन स्तर को ऊपर उठाया। उन्होंने कहा कि इस सरकार में लोगों को गैस, बिजली, शौचालय मिला है।

नरेंद्र मोदी ने संविधान की किताब के सामने सिर झुकाया

एनडीए संसदीय दल के नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी ने संसद में संविधान कि किताब के सामने सिर झुकाया। पीएम मोदी ने कहा कि वे इस नई यात्रा के लिए संकल्पबद्ध हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का मतदाता सत्ताभाव स्वीकार नहीं करता है।

भारत के लोकतंत्र को हमें समझना होगा। भारत का मतदाता, भारत के नागरिक के नीर, क्षीर, विवेक को किसी मापदंड से मापा नहीं जा सकता है। हम कह सकते हैं सत्ता का रुतबा भारत के मतदाता को कभी प्रभावित नहीं करता है। सत्ताभाव भारत का मतदाता कभी स्वीकार नहीं करता है: पीएम मोदी