NAM सम्मेलन में PM मोदी बोले, कुछ देश फैला रहे आतंक का खतरनाक वायरस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुट निरपेक्ष (NAM) देशों के वर्चुअल सम्मेलन में शामिल हुए। यह सम्मेलन कोरोना महामारी के वैश्विक संक्रमण से उपजे खतरे पर आयोजित किया गया है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुट निरपेक्ष (NAM) देशों के वर्चुअल सम्मेलन में शामिल हुए। यह सम्मेलन कोरोना महामारी के वैश्विक संक्रमण से उपजे खतरे पर आयोजित किया गया है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने दुनिया के 123 देशों में मेडिकल सप्लाई सुनिश्चित कराई है जिनमें 59 गुट निरपेक्ष देश भी शामिल हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि लोग अगर साधारण आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे अपनाएं तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ सकती है। साथ ही प्रधानमंत्री ने आतंकवाद का भी जिक्र किया और पाकिस्तान का नाम लिए बिना निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आतंक का जानलेवा वायरस, फर्जी खबरें और फर्जी वीडियो फैलाने में लगे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें संकट की ऐसी घड़ी में लोगों के कल्याण पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए न कि आर्थिक वृद्धि पर। उन्होंने कहा कि गुट निरपेक्ष देशों को विश्व बिरादरी और विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपील करनी चाहिए कि विकासशील देशों में स्वास्थ्य की क्षमता में बढ़ोत्तरी की जाए। अभी का समय साथ मिलकर और एक दूसरे का सहयोग करते हुए काम करने का है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया की फार्मेसी माना जाता है। हमारी अपनी भी जरूरतें हैं, लेकिन हमने इसके बावजूद 123 देशों में दवा की सप्लाई सुनिश्चित कराई है। इसमें गुट निरपेक्ष के 59 देश भी शामिल हैं।

कोरोना संक्रमण से गुट निरपेक्ष के सदस्य राष्ट्र भी जूझ रहे हैं। सम्मेलन में NAM के सदस्य देशों के बीच कोरोना से जंग में सहयोग बढ़ाने और इसका इलाज ढूंढने पर चर्चा हुई। गुट निरपेक्ष देशों का ये सम्मेलन अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव की कोशिशों के बाद आयोजित हो रहा है। इल्हाम अलियेव गुट निरपेक्ष आंदोलन के मौजूदा चेयरमैन हैं।

सदस्य देशों की तारीफ

राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव ने सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कोरोना महामारी से लड़ने के लिए गुटनिरपेक्ष देशों के बीच मेडिकल डेटाबेस तैयार करने और इस बीमारी से लोगों को निजात दिलाने के लिए सामाजिक व मानवीय सहयोग के लिए सदस्य राष्ट्रों का स्वागत किया।

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बैठक में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अजरबैजान के राष्ट्रपति का गुट निरपेक्ष सम्मेलन आयोजित करने के लिए धन्यवाद किया। इसके साथ ही गनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद दिया जिन्होंने कोरोना पर सार्क सम्मेलन का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठक अभी समय की मांग है।

गनी ने इसी के साथ तालिबान से हिंसा छोड़ने का आग्रह किया। इसी सम्मेलन में यूरोपीय संघ के उपाध्यक्ष जोसेफ बोरेल ने कहा कि हमें कोरोना के खिलाफ पहले से ज्यादा तेजी से लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने पेरिस संधि पर देशों को एकसाथ आने का आग्रह किया। उन्होंने कल के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने की अपील की। लोगों को इस महामारी से कैसे बचाना है, इसके लिए एकजुट होकर इसके खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया।

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तो वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. अधमॉन टेडरॉस ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाना होगा। सरकारी और निजी संगठनों को एक मंच पर आकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में गुट निरपेक्ष आंदोलन की भूमिका काफी अहम हो जाती है। कोरोना के खिलाफ जंग में और सुधार लाने की आवश्यकता है।

कोरोना पर आयोजित इस ऑनलाइन सम्मेलन में गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देश एक राजनीतिक दस्तावेज जारी करेंगे, जिसका विषय वस्तु होगा ‘कोविड-19 के खिलाफ एकजुटता। इस दस्तावेज में इस बात की भी चर्चा होगी कि एनएएम के सदस्य देश कोरोना के खिलाफ जंग में कैसे आपसी सहयोग बढ़ाएं और मानवता के सामने संकट बनकर उभरी इस बीमारी का उपचार तलाशें।

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