निर्भया के दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज, 22 जनवरी को ही फांसी

‘निर्भया कांड’ के चारों दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए पुराने फैसले को ही सही ठहराया।

Published by Shivani Awasthi Published: January 14, 2020 | 10:23 am
Modified: January 14, 2020 | 4:38 pm

दिल्ली: ‘निर्भया कांड’ में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों के डेथ वारंट का ऐलान कर दिया है। कोर्ट के आदेश पर दोषियों को 22 जनवरी को फांसी की सजा दी जाएगी। लेकिन अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दोषियों की क्यूरेटिव पिटिशन को खारिज करते हुए पुराने फैसले को ही सही ठहराया। दरअसल, डेथ वारंट जारी होने के बाद दो दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट ने क्यूरेटिव याचिका दाखिल की थी।

निर्भया के दोषियों की याचिका पर SC ने की सुनवाई:

दरअसल, दिल्ली समेत पूरे देश का दिल दहला देने वाले ‘निर्भया कांड’ पर आठ साल बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने चार दोषियों के खिलाफ फांसी की तारीख का ऐलान कर दिया। साल 2012 में हुई घटना पर कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी की सजा देने का आदेश दिया।

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जिसके बाद चारों दोषियों में से दो ने शीर्ष अदालत में क्यूरेटिव याचिका दायर की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट दोषी विनय शर्मा और मुकेश की क्यूरेटिव याचिका पर आज सुनवाई करेगी। मामले में सुप्रीम कोर्ट के जज एनवी रमना, अरुण मिश्रा, आरएफ नरीमन, आर बनुमथी और अशोक भूषण की बेंच सुनवाई करेगी।

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क्या है क्यूरेटिव याचिका:

क्यूरेटिव पिटीशन (उपचार याचिका) न्यायिक व्यवस्था में इंसाफ पाने का आखिरी प्रयास या उपाय होता है। यह पुनर्विचार याचिका से थोड़ा अलग होता है। इसमें फैसले की जगह पूरे केस में उन मुद्दों या विषयों को चिन्हित किया जाता है जिसमें उन्हें लगता है कि इन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। दोषियों को सजा के 14 दिन के अंदर क्यूरेटिव याचिका दायर करने का अधिकार था।

निर्भया केस के आरोपी अपने फांसी की सजा टालने के आखिरी उपाय के तौर पर इसे अपनाया। वो चाहते हैं कि किसी भी तरह से उनकी फांसी की सजा उम्रकैद में बदल जाए।। दोषी विनय का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट सहित सभी अदालतों ने मीडिया और नेताओं के दबाव में आकर उन्हें दोषी ठहराया है।

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क्या है मामला:

दरअसल, दिसंबर 2012 में दिल्ली में चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ छह लोगों ने गैंगरेप किया था। घायल अवस्था में मरने के लिए सड़क पर फेंक दोषी फरार हो गये थे। कुछ दिनों बाद ‘निर्भया’ की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर दिया।