निर्भया रेप-मर्डर केस: फांसी की तैयारी शुरू, राष्ट्रपति के पास पहुंची याचिका

निर्भया रेप-मर्डर केस के एक दोषी ने गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति को भेजी गई अपनी दया याचिका वापस लेने की मांग की है।  निर्भया कांड में राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका की गुहार लगाने वाले एक दोषी विनय शर्मा ने अपनी याचिका को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

Published by suman Published: December 8, 2019 | 8:39 am
Modified: December 8, 2019 | 8:45 am

नई दिल्ली: निर्भया रेप-मर्डर केस के एक दोषी ने गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति को भेजी गई अपनी दया याचिका वापस लेने की मांग की है।  निर्भया कांड में राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका की गुहार लगाने वाले एक दोषी विनय शर्मा ने अपनी याचिका को तुरंत वापस लेने की मांग की है। दोषी ने दावा किया है कि गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति को जो दया याचिका की फाइल भेजी गई है, उस पर उसके हस्तक्षार नहीं है और न ही उसकी ओर से ऑथोराइज्ड है।

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषी विनय शर्मा की दया याचिका राष्ट्रपति के पास पहुंचते ही तिहाड़ जेल प्रशासन ने फांसी की तैयारी शुरू कर दी है। याचिका खारिज होते ही अदालत से डेथ वारंट लिया जाएगा, जिससे फांसी देने का रास्ता साफ हो जाएगा।

 

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जल्लाद की कमी

तिहाड़ जेल के पास अपना जल्लाद नहीं है। इसलिए जेल प्रशासन ने दक्षिण भारत और उत्तर प्रदेश की कई जेलों के अधिकारियों ने बातचीत शुरू कर दी है।  जेल सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति के पास भेजी गई दया याचिका खारिज होते ही फांसी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अदालत के डेथ वारंट के बाद तिहाड़ में दोषियों को फांसी दी जाएगी।  इससे पहले, अफजल गुरु को फांसी देने के समय भी तिहाड़ जेल के पास कोई जल्लाद नहीं था। उस समय जेल अधिकारियों में से किसी एक ने फांसी दी थी। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात में जेल प्रशासन किसी भी जल्लाद की नियुक्ति नहीं कर सकता।

फांसी के लिए उसे किसी अन्य जेल से ही जल्लाद को बुलाना पड़ेगा। जेल के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि फांसी कभी-कभार दी जाती है। ऐसे में जल्लाद की स्थायी नियुक्ति की जरूरत नहीं पड़ती।  तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों के जेलों से जल्लाद को बुलाया जाएगा। दया याचिका खारिज होने के बाद ही इस पर कोई बातचीत होगी।

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दया याचिका

जेल से मिली खबरों  से दया याचिका भेजे जाने के बाद से ही निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के चारों दोषियों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। जेल के कर्मचारी उनके पास जाकर उनसे बातचीत कर रहे हैं।  दोषियों अक्षय, विनय, पवन और मुकेश के चेहरे पर तनाव साफ दिख रहा है। हालांकि विनय राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने के मामले में जेल अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहा है।

2004 में हुई थी दुष्कर्म के मामले में फांसी

साल 2012 में निर्भया सामूहिक बलात्कार की घटना 16 दिसंबर 2012 को हुई थी। चोटों के चलते बाद में पीड़िता की मौत हो गई थी। इस बर्बर घटना से राष्ट्रव्यापी रोष की लहर छा गई थी और व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। दुष्कर्म के मामले में इससे पहले 14 अगस्त 2004 : कोलकाता में 15 वर्षीय छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोप में धनंजय चटर्जी को फांसी दी गई थी।