चीन के साथ युद्ध जैसे हालात, सिर्फ सैनिकों की नहीं नागरिक भी दें साथ

भारत-चीन के मसले पर सुबेदार रि पवन सिंह संस्थापक जयहिन्द युवा सेना ने बताया चीन सीमा की लाइन आफ ऐक्चुवल कंट्रोल (LAC) पैंगांग, त्सो और गवालन घाटी में भारतीय सेना और चीन की पब्लिक लिबरेशन आर्मी (PLA) के बीच तनाव मई से चल रहा है।

रायबरेली: भारत-चीन के मसले पर सुबेदार रि पवन सिंह संस्थापक जयहिन्द युवा सेना ने बताया चीन सीमा की लाइन आफ ऐक्चुवल कंट्रोल (LAC) पैंगांग, त्सो और गवालन घाटी में भारतीय सेना और चीन की पब्लिक लिबरेशन आर्मी (PLA) के बीच तनाव मई से चल रहा है। भारतीय सेना और चाइना की सेना बीच झड़पें भी हुई है। जिसमें दोनों तरफ के सैनिक हताहत हुए है। अभी भी तनाव बरकरार है, जहां आज तनाव कम करने के लिए चुशुल- माल्दो में दोनों देशों के सेना के अधिकारियों की फ्लैग मीटिंग हो रही है।

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सुबेदार पवन सिंह ने सरकार सरकार से मांग की है कि चाइना के साथ जल्द राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से समस्या का हल निकाले। क्योंकि दोनों तरफ से तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सेना की तैनाती कर दी गई और सेनाएं आमने-सामने है यहां हम बताते चलें कि भारतीय सेना तैयार है। चाइना को समझ लेना चाहिए कि 1962 का हिंदुस्तान नहीं।

चीन की सेना के साथ भारतीय सैनिक हताहत हुए हैं। जिससे चिंतित होकर जयहिंद युवा सेना की सैनिक प्रकोष्ठ की बैठक हुई जिसमें कैप्टन अवधेश सिंह, उपाध्यक्ष जयहिंद युवा सेना, कैप्टन राकेश सिंह, सुबेदार मेजर राम सिंह, सुबेदार ओम प्रकाश सिंह, उदय पाल सिंह चौहान, अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ, राहुल सिंह फौजी, मनीश सिंह फौजी ज्ञानी सिंह बी एस एफ आदि लोगों ने भाग लिया। उसमें यह विचार किया गया कि हम किस तरह से चाइना के खिलाफ अपनी सेना की सहायता कर सकते हैं। जिसमें पांच सुझावों पर सहमति बनी जयहिंद युवा सेना ने की लोगों से अपील।

1. 15 दिन के भीतर देश के सभी लोग सभी चाइना के साफ्टवेयर अपने मोबाइल, लैपटॉप कंप्यूटर आदि से हटा दें जैसे टिक टाक,यू सी ब्राउज़र आदि

2. एक साल के अंदर सभी तरह के हार्डवेअर अपने घरों से निकाल दें जैसे मोबाइल, कम्प्यूटर, खिलौने आदि

3. युद्ध की स्थिति में सिविल प्रशासन के साथ जयहिंद युवा सेना, भूतपूर्व सैनिक, युवा स्टेशन एयरपोर्ट से सैन्य और खाद्य सामग्री पहुंचाने में सहायता करेगी

4. जरूरत पड़ने पर रक्तदान देने और सीमा पर सैनिकों के साथ लड़ने को रहेंगे तैयार

5. चाइना को परास्त करने के लिए उसकी अर्थ व्यवस्था ध्वस्त करनी होगी

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जयहिंद युवा सेना ने सरकार और आस्ट्रेलिया के बीच सामरिक फैसले का स्वागत किया

सीमा पर चीन के साथ तनाव के बीच भारत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ गुरुवार को अहम सामरिक, रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के मुताबिक भारत और ऑस्ट्रेलिया एक दूसरे के मिलिट्री, एयरफोर्स और नेवी बेस का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस समझौते से हिंद महासागर और एशिया प्रशांत महासागर में भारत की ताकत बढ़ जाएगी।

सुबेदार पवन सिंह ने बताया कि चाइना के साथ लड़ाई भारतीय सेना की अकेले की नहीं है। यह हिंदुस्तान की लड़ाई है अगर देश है तब हम हैं जयहिंद युवा सेना की अपील है कि सभी सुझावों में भारतीय सेना को अपना सहयोग दे।

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