पाकिस्तानियों इनसे सिखो: हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल है बिहार

बिहार के नालंदा जिले में एक भी मुस्लिम परिवार न होते हुए भी मस्जिद में पांच वक्त की नमाज होती है। हिन्दु समुदाय ही इस मस्जिद में नमाज करते हैं।

Published by Shreya Published: September 8, 2019 | 12:29 pm
पाकिस्तानियों इनसे सिखो: हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल है बिहार

पाकिस्तानियों इनसे सिखो: हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल है बिहार

बिहार: बिहार के नालंदा जिले में एक भी मुस्लिम परिवार न होते हुए भी मस्जिद में पांच वक्त की नमाज होती है। हिन्दु समुदाय ही इस मस्जिद में नमाज करते हैं। सुनने में अलग जरुर है पर ये सच है। बिहार के नालंदा जिले के बेन प्रखंड के माड़ी गांव में हिन्दु समुदाय ही मस्जिद में नमाज करने जाते हैं। ये करके इस ने समुदाय हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है।

इस गांव में सिर्फ हिन्दू समुदाय ही रहता है और यहां एक भी मुस्लमान परिवार नहीं रहता है। ऐसे में गांव में स्थित एक मस्जिद में हिन्दू समुदाय ही इस मस्जिद की देख-रेख करता है। साथ ही इस मस्जिद में पांच वक्त की नमाज भी ये हिन्दू समुदाय ही करता है। इस मस्जिद की हर तरह की देखभाल हिन्दू समुदाय ही करता है।

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मुस्लिम परिवारों के बाद रह गया मस्जिद-

इस मस्जिद के बारे में गांव के स्थानीय निवासी ने बताया कि यहां पर पहले मुस्लिम परिवार रहा करते थे पर धीरे-धीरे सभी परिवारों का पलायन हो गया। उनके जाने के बाद ये मस्जिद ऐसे ही रह गई।

साथ ही नमाज करने के बारे में गांव के ही रहने वाले हंस कुमार ने बताया कि, हमें अजान तो नहीं आती पर पेन ड्राईव के मदद से वो अजान को अदा करते हैं। मस्जिद के बारे में लोगों का कहना है कि ये मस्जिद उनकी आस्था से जुड़ा हुआ है।

200 से 250 साल पुराना है मस्जिद-

गांव के लोगों ने बताया कि, उनके पूर्वज बताते हैं कि ये मस्जिद करीब 200 या 250 साल पुराना है। इस मस्जिद के सामने एक मजार भी है जिसमें लोग चादर चढ़ाते हैं। वहीं मस्जिद की सफाई का जिम्मा संभाल रहे गौतम ने बताया कि किसी भी शुभ कार्य से पहले हिन्दू परिवार यहां पर दर्शन करने आते हैं।

गांव के स्थानीय पंडित ने एक मीडिया एजेंसी से बात करते हुए करते हैं कि यहां पर रोज सुबह और शाम को सफाई की जाती है जो कि गांव के लोग ही करते हैं। कोई भी परिवार कुछ अशुभ घटने पर दुआ मांगने के लिए मजार पहुंचते हैं।

कर रहे हैं मिसाल पेश-

ऐसा करके ये गांव लोगों के बीच हिन्दू और मुस्लमानों के बीच एकता की मिसाल पेश कर रहा है

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