करतारपुर कॉरिडोर: हर तीर्थयात्री से 3120 रुपये वसूलने पर अड़ा पाक

बता दें कि भारत के अलावा कनाडा, ब्रिटेन समेत दुनिया के अलग अलग देशों से तीर्थ यात्रियों के पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है। विदेशों में बसे सिख समुदाय के श्रद्धालु भी वाघा बॉर्डर के रास्ते ही पाकिस्तान जाएंगे।

Kartarpur corridor

Kartarpur corridor

नई दिल्ली: करतारपुर कॉरिडोर पर दोनों देशों में प्रक्रिया शुरू हो गई है। पाकिस्तान ने इसके लिए भारत को अंतिम प्रारूप भेज दिया है। पाकिस्तान भारतीय सिख तीर्थयात्रियों से 3120 पाकिस्तानी रुपये (20 डॉलर) लेने पर अड़ा हुआ है।

ये भी पढ़ें—पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर पर बदला पुराना फैसला, अब होगी बड़ी फजीहत

शर्तों के मुताबिक, कोई भी बिना किसी प्रतिबंध के करतारपुर कॉरिडोर जा सकता है। भारत कम से कम 10 दिन पहले तीर्थयात्रियों की एक सूची पाकिस्तान को सौंपेगा। पाकिस्तान इस पर 4 दिन में जवाब देगा।

मिलेंगी ये सुविधायें

करतारपुर साहिब जाने वाले सभी यात्रियों को जीरो प्वाइंट पर परिवहन की सुविधा दी जाएगी। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से अब भी करतारपुर कॉरिडोर के खुलने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि अनुमानित तारीख 9 नवंबर बताई जा रही है।

सिख तीर्थयात्रियों के लिए विशेष ट्रेन की ​होगी व्यवस्था

श्रद्धालुओं का जत्था नवंबर के पहले सप्ताह से पाकिस्तान पहुंचने लगेगा। वहीं सिख तीर्थयात्रियों के लिए विशेष ट्रेन का भी इंतजाम किया गया है। भारत से जाने वाले सिख श्रद्धालु अटारी रेलवे स्टेशन से चलकर वाघा रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे और उसके बाद नानक साहिब के लिए अपनी यात्रा शुरू करेंगे।

ये भी पढ़ें— करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट जरूरी

बता दें कि भारत के अलावा कनाडा, ब्रिटेन समेत दुनिया के अलग अलग देशों से तीर्थ यात्रियों के पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है। विदेशों में बसे सिख समुदाय के श्रद्धालु भी वाघा बॉर्डर के रास्ते ही पाकिस्तान जाएंगे।

पाक में भी शुरू है तैयारी

बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं के ननकाना साहिब पहुंचने की उम्मीद से पाकिस्तान ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ध्यान रहे कि प्रकाशोत्सव से पहले करतारपुर कॉरिडोर का भी शुभारंभ होना है।