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पाकिस्तान की बेटी ने लहराया भारत की राजनीति में परचम, जीता चुनाव

पाकिस्तान में जन्मी एक लड़की न केवल भारत में चुनाव लड़ रही और जीत रही है, बल्कि यहां के गाँव को संवारने और लोगों की मदद के लिए भी काम कर रही है।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 24 Jan 2020 10:11 AM GMT

पाकिस्तान की बेटी ने लहराया भारत की राजनीति में परचम, जीता चुनाव
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जयपुर: दिल्ली विधानसभा चुनाव में पाकिस्तान (Pakistan) का नाम तो आ ही चुका है लेकिन भारत की राजनीति (Indian Politics) में अब पाकिस्तान की बेटी का नाम भी उबर कर सामने आ रहा है। दरअसल, पाकिस्तान में जन्मी ये लड़की न केवल भारत में चुनाव लड़ रही और जीत रही है, बल्कि यहां के गाँव को संवारने और लोगों की मदद के लिए भी काम कर रही है।

भारत और पाकिस्तान में भले ही विवाद हो लेकिन दूसरी ओर पाकिस्तान की एक बेटी भारत की बहु बन यहां के हालातों को सुधारने में लगी हुई है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान में जन्मी नीता कंवर ( Neeta kanwar) के बारे में, जिन्होंने राजस्थान के एक गाँव में प्रधानी का चुनाव जीता है। बता दें कि उन्होंने टोंक से ग्राम पंचायत के चुनाव में जीत हासिल की है।

पाकिस्तान की बेटी भारत की बहु:

बता दें कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जन्मी नीत कंवर की शुरुआती पढ़ाई पाकिस्तान के रार मऊ इलाके से ही हुई, लेकिन 2001 में नीता अपने चाचा के यहां जोधपुर राजस्थान आ गईं। इसके बाद उन्होंने अजमेर के सोफिया कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान ही नीता के अंदर गांव को बेहतर बनाने की ललक जग गई और इसके लिए काम शुरू कर दिया।

नीता भारत के लिए कुछ करने, गाँवों में सुधार और यहां बसने को लेकर इतनी गंभीर हो गयी कि उन्होंने पाकिस्तान न जाने का मन बना लिया। इसके लिए नीता ने टोंक में नटवाड़ा के रहने वाले पुण्य करण के साथ शादी कर ली।

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भारतीय नागरिकता के लिए किया आवेदन मंजूर:

वहीं साल 2016 में नीता कंवर ने भारत की नागरिकता लेने के लिए आवेदन भी किया था। बीते साल सितंबर में उनकी मंशा पूरी हो गयी और उनका आवेदन स्वीकार्य करते हुए उन्हें प्रशासन ने भारत की नागरिकता दे दी। जिसके बाद नीता ने ग्राम पंचायत के चुनाव लड़ने की तैयारी की और विजय हासिल की। नीता कंवर ने सोनू देवी को 362 वोटों के अंतर से पराजित कर यह जीत हासिल की। नीता के ससुर लक्ष्मण करण इसी ग्राम पंचायत से तीन बार सरपंच रह चुके थे>

चुनाव जीतने के बाद नीता ने कहा, 'यही तो इस मुल्क की खूबसूरती है, यहां नियम और कायदे सबके लिए समान हैं।'

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Shivani Awasthi

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