कश्मीर में माहौल बिगाड़ने की पाक की बड़ी साजिश, आतंकी संगठनों की कर रहा मदद

पाकिस्तान की शह पर कश्मीर में आतंकी बड़े हमले की साजिश में जुटे हुए हैं। कश्मीर में धारा 370 समाप्त होने के बाद घाटी में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं।

नई दिल्ली: पाकिस्तान की शह पर कश्मीर में आतंकी बड़े हमले की साजिश में जुटे हुए हैं। कश्मीर में धारा 370 समाप्त होने के बाद घाटी में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं। पाकिस्तान सीमा से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान की सेना और आईएसआई की ओर से मदद की जा रही है। इन तीनों आतंकी संगठनों ने साझा षड्यंत्र रचते हुए पुलवामा जैसे हमले की साजिश रची थी मगर सुरक्षाबलों की सतर्कता से यह साजिश नाकाम हो गई।

साजिश को नाकाम करना बड़ी कामयाबी

पुलवामा जैसे हमले की साजिश को नाकाम करना सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। जैश ए मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबाऔर हिजबुल मुजाहिदीन के निशाने पर सीआरपीएफ का एक काफिला था। आतंकियों ने आत्मघाती हमले में 20 वाहनों पर सवार 400 जवानों को उड़ाने की साजिश रची थी। आतंकी करीब 50 किलो आईईडी विस्फोटक से लदी कार से इस काफिले पर हमला करने की फिराक में थे। हालांकि सुरक्षा बलों ने इसे पहले ही जब्त कर लिया।

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बम निरोधक दस्ते ने काफिले के आने से पहले ही सुबह छह बजे कार को पुलवामा के राजपोरा इलाके में उड़ा दिया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि एनआईए की जांच में पुलवामा पार्ट टू की साजिश की सभी परतें खुलेंगी।

घाटी में आतंकी रच रहे बड़ी साजिश

सुरक्षा एजेंसियों का कहना कि पिछले कुछ महीनों के दौरान जम्मू-कश्मीर की शांति को भंग करने के लिए आतंकियों की ओर से कई तरीके की साजिशें रची जा रही हैं, लेकिन भारतीय जवानों की सतर्कता से इन साजिशों को अंजाम नहीं दिया जा सका। जम्मू कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में आतंकियों के छिपने के ठिकाने पर छापेमारी कर आतंकियों का एनकाउंटर किया जा रहा है। ऐसे में आतंकियों को अपनी जमीन की खिसकती नजर आ रही है। भारतीय सुरक्षा बलों के इस अभियान से पाकिस्तान की बौखलाया हुआ है। भारतीय सेना ने स्थानीय पुलिस से मिलकर गत दिवस भी कुलगाम में एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर दो आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था।

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घाटी में मौजूद हैं विदेशी आतंकी

भारतीय सुरक्षा बलों ने इसी महीन हिजबुल के टॉप कमांडर रियाज नायकू को मार गिराने में भी कामयाबी हासिल की है। नायकू के एनकाउंटर के बाद भी घाटी का माहौल बिगड़ने की साजिश रची गई थी। हालांकि इस मामले में कामयाबी नहीं मिल सकी। पाकिस्तान की ओर से भी नायकू को हीरो बताने की कोशिश की गई थी। सूत्रों का कहना है कि घाटी में विभिन्न स्थानों पर विदेशी आतंकियों की मौजूदगी से इनकार नहीं किया जा सकता।

घाटी के स्थानीय आतंकी भी बाहर से आए आतंकियों की पूरी मदद करने में जुटे हुए हैं। इस कारण भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया है। कोई भी खुफिया इनपुट मिलने पर उसकी गहनता से छानबीन के निर्देश दिए गए हैं।

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पुलवामा में छेड़ा बड़ा तलाशी अभियान

इस बीच पुलवामा जैसे हमले की साजिश के सूत्रधारों का पता लगाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। सूत्रों के मुताबिक जब सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला तो कार में सवार आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। इस आतंकी को पकड़ने के लिए पूरे इलाके में जोरदार तलाशी अभियान चलाया गया है। कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार का गाना है कि इस हमले को हिजबुल के आतंकी आदिल को जैश के दो अन्य आतंकियों के साथ मिलकर अंजाम देना था। आदिल हिजबुल और जैश दोनों के लिए काम करता है। इस हमले में पाकिस्तानी जैश कमांडर फौजी भाई व वलीद भाई का नाम भी आ रहा है।

दो पहिया वाहन के नाम था रजिस्ट्रेशन

जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक सफेद रंग की सेंट्रो कार का रजिस्ट्रेशन दो पहिया वाहन के नाम पर था और इसका मालिक शोपिया का रहने वाला है। आतंकी आदिल ही कार चला रहा था। पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर पूर्व में किए गए हमले को अंजाम देने वाले आतंकी का नाम भी आदिल ही था। यह कार हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी हिदायतुल्लाह की बताई जा रही है।