पालघर मॉब लिंचिंग मामले की जांच शुरू, गृह मंत्री ने दिया ये बड़ा बयान

महाराष्ट्र के पालघर जिले में चोर होने के संदेह में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर देने के मामले में राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को यह जानकारी दी। देशमुख ने इस इस घटना को कोई सांप्रदायिक रंग नहीं देने की भी चेतावनी दी है क्योंकि तीन मृतकों में दो लोग साधु बताये जा रहे हैं। 

Published by suman Published: April 20, 2020 | 10:13 am

पालघर : महाराष्ट्र के पालघर जिले में चोर के संदेह में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर देने के मामले में राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को यह जानकारी दी। देशमुख ने इस इस घटना को कोई सांप्रदायिक रंग नहीं देने की भी चेतावनी दी है क्योंकि तीन मृतकों में दो लोग साधु बताये जा रहे हैं। इस मॉब लिंचिंग पर पूरा देश हैरान है। साधुओं की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर भी गुस्सा देखने को मिल रहा है।महाराष्ट्र सरकार ने लोगों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। मॉब लिंचिंग के पूरे मामले की जांच आईजी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।

 

 

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जब मॉब लिंचिंग की शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई थी। यहां करीब 200 लोगों की भीड़ ने 2 साधु और 1 ड्राइवर को पीट-पीट कर मार डाला था। घटना को लेकर विपक्ष, उद्धव सरकार पर लगातार हमलवार है। वहीं तीन लोगों की निर्मम हत्या पर महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई करते हुए 101 लोगों को हिरासत में ले लिया है। इसकी जानकारी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर 110 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 110 में से 101 लोगों को 30 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है जबकि नाबालिगों को जुवेनाइल सेंटर होम में भेजा गया है।

 

 

अनिल देशमुख की  ट्वीट

अनिल देशमुख ने ट्वीट किया, ” सूरत जा रहे तीन लोगों की पालघर में हुई हत्या में संलिप्त 101 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हत्या के मामले में मैंने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है।” देशमुख ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों पर करीबी नजर रख रही है, जो इस घटना के जरिए समाज में वैमनस्य पैदा करना चाहते हैं।

 

 

 

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार को कहा, ‘हमला करने वाले और जिनकी इस हमले में जान गई- दोनों अलग धर्मीय नहीं हैं।बेवजह समाज में धार्मिक विवाद निर्माण करने वालों पर पुलिस और महाराष्ट्र साइबर सेल को कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इस घटना को विवादास्पद बनाकर समाज में दरार बनाने वालों पर भी पुलिस नजर रखेगी।’

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पूरा मामला?

पालघर के गड़चिनचले गांव में भीड़ ने दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी ,भीड़ ने जिस निर्मम तरीके से निहत्थे गेरुआधारी बुजुर्गों और उनके साथ जा रहे ड्राइवर की हत्या की वो पूरे देश को शर्मसार करने वाली है। भीड़ के हत्थे चढ़े साधु मुंबई के जोगेश्सवरी पूर्व स्थित हनुमान मंदिर के हैं। दरअसल ये साधु मुंबई से सूरत अपने गुरू के अंतिम संस्कार में जा रहे थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते पुलिस ने इन्हें हाइवे पर जाने से रोक दिया। फिर इको कार में सवार साधु ग्रामीण इलाके की तरफ मुड़ गए, जहां मॉब लिंचिंग के शिकार हो गए। तीन लोगों की मॉब लिंचिग में पुलिस ने 101 लोगों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है।