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PFI का बड़ा खुलासा: बेनकाब होगा शरजील, इस लैपटॉप से खुलेंगे कई राज

शरजील इमाम की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस जेएनयू स्टूडेंट की रिमांड तीन दिन के लिए बढ़ा दी गई है। पिछले पांच दिन के दौरान हुई पूछताछ में वह लगातार...

Deepak Raj

Deepak RajBy Deepak Raj

Published on 4 Feb 2020 9:14 AM GMT

PFI  का बड़ा खुलासा: बेनकाब होगा शरजील, इस लैपटॉप से खुलेंगे कई राज
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नई दिल्ली। शरजील इमाम की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस जेएनयू स्टूडेंट की रिमांड तीन दिन के लिए बढ़ा दी गई है। पिछले पांच दिन के दौरान हुई पूछताछ में वह लगातार क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारियों को बरगला रहा है।

ये भी पढ़ें- राजद्रोह के आरोपी शरजील इमाम के मोबाइल फोन की जांच में खुलासा, कई व्हाट्सअप ग्रुप का पता चला

तफ्तीश में सामने आया है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े लोग शरजील के टच में थे। लेकिन उसका दावा है कि उसे पता ही नहीं कि इन लोगों के रिश्ते पीएफआई से हैं।

बुधवार को पूछताछ हो सकती है

क्राइम ब्रांच ने तीन दिन की रिमांड के दौरान उसके करीबी 10-12 लोगों को नोटिस देकर जांच में शामिल होने को कहा जाएगा। इन सभी से बुधवार को पूछताछ हो सकती है।

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शरजील की तलाश हुई तेज, पुलिस कर रही जगह-जगह छापेमारी

केंद्रीय जांच एजेंसियों की तफ्तीश में भीड़ को भड़काने और हिंसा फैलाने के लिए पीएफआई के देश भर में खुले 73 बैंक खाते में 120 करोड़ रुपये की रकम जमा होने की बात सामने आई है। इसलिए सीएए और एनआरसी के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा फैलाने में पीएफआई का भी हाथ बताया जा रहा है।

पैंफ्लेट के रूप में मस्जिदों में बांटा गया गया था

उसके लैपटॉप से 15 दिसंबर को जामिया और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी एरिया में हुए उपद्रव से पहले सीएए और एनआरसी के खिलाफ उर्दू और अंग्रेजी में एक विवादित पोस्टर बनाया गया था, जिसे सभी स्टूडेंट ग्रुप में डाला गया था। इसे पैंफ्लेट के रूप में आसपास के मस्जिदों में भी बांटा गया गया था।

मोबाइल के सभी ग्रुपों को खंगाल रहा है और उनकी चैटिंग पढ़ी जा रही है। पुलिस का दावा है कि मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा भी रिकवर कर लिए गए हैं।

शरजील सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर उकसा रहा था

जानकारी के मुताबिक, शरजील इमाम को जामिया मामले में भी गिरफ्तार किया जा सकता है। जांच के दौरान पुलिस को शरजील के लैपटॉप से कई ऐसे सबूत मिले हैं जो यह दर्शाता है कि वह सीएए के खिलाफ जारी प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसा रहा था।

उसके लैपटॉप से कई पैंफ्लेट बरामद हुए हैं, जिसमें सीएए और एनआरसी को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उसने जामिया इलाके में 14 दिसंबर को पर्चे बांटे थे, जिसके बाद 15 दिसंबर को उस इलाके में हिंसा की घटना हुई थी। उसके वॉट्सएप ग्रुप से भी कई संदिग्ध लोगों की पहचान की गई है।

शरजील इमाम के समर्थक उर्वशी चूड़ावाला दो दिनों से लापता है

वहीं दूसरी ओर मुंबई में देशद्रोह के आरोपी जेएनयू छात्र शरजील इमाम के समर्थन में मुंबई के आजाद मैदान में रैली करने वाली टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की छात्र उर्वशी चूड़ावाला लापता है। पुलिस उर्वशी को ढूंढने में जुटी लेकिन अभी तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। उवर्शी का मोबाइल भी स्वीच ऑफ आ रहा है। बता दें कि उर्वशी के खिलाफ भी मुंबई पुलिस ने देशद्रोह को केस दर्ज किया है। उर्वशी चूड़ावाला पिछले 2 दिन से लापता है।

उर्वशी ने अपना फेसबुक पेज हटा दिया है, जिसमे इसने शरजील इमाम के समर्थन में कई पोस्ट्स डाली थी। उर्वशी के माता-पिता को आज अपना बयां दर्ज करने के लिए आजाद मैदान पुलिस स्टेशन बुलाया जा सकता है।

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