पीएम मोदी ने बीजेपी नेताओं की लगाई क्लास, कहा- परीक्षा के लिए रहे तैयार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दूसरे दिन भी बीजेपी के कई नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने नेताओं के साथ ग्रुप में नाश्ता किया। उनसे बात की और ये हिदायत दी कि वे पहले से तैयार रहे। किसी भी समय उनकी परीक्षा ली जा सकती है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दूसरे दिन भी बीजेपी के कई नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने नेताओं के साथ ग्रुप में नाश्ता किया। उनसे बात की और ये हिदायत दी कि वे पहले से तैयार रहे। किसी भी समय उनकी परीक्षा ली जा सकती है।

जानकारों की मानें तो पीएम बनने के बाद से मोदी की ये अब तक पांचवीं बैठक है। इससे पहले शुक्रवार को पीएम ने बीजेपी की 32 महिला सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की थी।

साथ उन्हें नई जिम्मेदारियां लेने तथा अपने क्षेत्र में कुपोषण की समस्या, स्वच्छता, स्वास्थ्य सहित नए क्षेत्रों में काम करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि सबको एक-दूसरे के बारे में पता होना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में महिला मंत्रियों को नहीं बुलाया गया था, इसमें केवल सांसदों को बुलाया गया था।

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11 जुलाई को हुई बैठक रही खास

पीएम नरेन्द्र मोदी और उन सांसदों की बैठक सबसे दिलचस्प रही, जो मंत्री रहे हैं। चाहे वे केन्द्र मंस मंत्री रहे हों या फिर राज्य सरकारों में। ये मीटिंग 11 जुलाई को हुई थी। पीएम मोदी की पिछली सरकार में जो मंत्री थे, लेकिन इस बार नहीं बनाए वे थोड़े असहज थे।

मोदी ने कहा कि आपमें से कोई, कभी भी मंत्री बन सकता है। बैठक में उन्होंने बताया कि आप लोगों को संसदीय कमेटियों में जगह दी जाएगी। कमेटी में रहते हुए आपकी रिपोर्ट और आपकी सिफ़ारिशों को हम देखेंगे।

मोदी ने कहा कि आपके अनुभव से हमें सरकार चलाने में मदद मिलेगी। पहले मंत्री रह चुके एक सांसद मोदी से पूछना चाहते थे कि इस बार उन्हें मौका क्यों नहीं मिला ? लेकिन उनकी बात मन में ही रह गई।

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पहली बैठक 3 जुलाई को हुई थी

सबसे पहली मीटिंग 3 जुलाई को हुई. पीएम नरेन्द्र मोदी ने पिछड़ी बिरादरी के सांसदों के साथ नाश्ता किया। उनसे गप शप किया। लोकसभा चुनाव जीतकर आए नेताओं ने सबसे पहले अपना परिचय दिया।

फिर मोदी ने बताया कि इस समाज की क्या दिक़्क़तें हैं और जन प्रतिनिधि के रूप में आप सबको क्या करना है। चुनाव प्रचार के दौरान मोदी खुद को भी पिछड़ी बिरादरी का ही बताते रहे थे। 4 जुलाई को मोदी ने दलित और आदिवासी समाज के सांसदों के साथ मीटिंग की।

ये बैठक सबसे लंबी चली।  हिंदी पट्टी के एमपी से उन्होंने कहा कि दलितों को पार्टी से जोड़े रखना बड़ी चुनौती है। उन्होंने अपने सांसदों से लगातार इनसे संवाद बनाए रखने को कहा।

हर बैठक में मोदी इस बार टीचर की भूमिका में रहे। ये भी कहा कि वे बीच बीच में टेस्ट भी लेते रहेंगे। उन्होंने सांसदों से कहा कि जो भी इस मीटिंग की बात को गंभीरता से नहीं लेगा, उसे लेने के देने पड़ सकते हैं।

12 जुलाई को पीएम ने महिला सांसदों के संग नाश्ता किया

दस जुलाई को पीएम नरेन्द्र मोदी ने युवा और पहली बार चुन कर आए एमपी के साथ बैठक की। उन्हें संसदीय नियम क़ानून को समझने को कहा।

मोदी ने कहा लोकसभा की बैठक से कोई ग़ैर हाज़िर न रहे। आप संसद में जो सवाल पूछेंगे। उसके आधार पर रिपोर्ट कार्ड बनेगी। मोदी ने कहा कि इसी रिपोर्ट के आधार पर सबका भविष्य तय होगा। 12 जुलाई को पीएम ने बीजेपी की महिला सांसदों के संग नाश्ता किया।

उन्हें लडकी की शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काम करने को कहा। अपने अपने इलाक़ों में पद यात्रा करने की सलाह दी। पीएम मोदी जानते हैं कि एल के आडवाणी, सुषमा स्वराज और अरूण जेटली जैसे प्रखर सांसदों के न होने से उनकी ज़िम्मेदारियों बढ़ गई हैं।

इसीलिए वे ख़ुद सबसे मिल कर, उन्हें समझ कर गुरू मंत्र दे रहे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी भी इन बैठकों में शामिल हुए।

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