चीन के साथ तनाव के बीच PM मोदी और ट्रंप में बात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

चीन के साथ सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में बातचीत हुई है। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को जी-7 सम्मेलन के लिए न्योता दिया।

नई दिल्ली: चीन के साथ सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में बातचीत हुई है। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को जी-7 सम्मेलन के लिए न्योता दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को जी-7 में शामिल करने की भी इच्छा जताई है।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच इसके अलावा भी कई मुद्दों पर बातचीत हुई है। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग पर आपसी सहयोग पर दोनों नेताओं के बीच बात हुई।

यह भी पढ़ें…अब महाराष्ट्र पर मंडरा रहा ये बड़ा खतरा, CM उद्धव बोले- घरों से बाहर न निकलें

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से जी-7 में और देशों को शामिल करने की भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा कि कोरोना के बाद के समय में इस तरह के मजबूत संगठन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन की सफलता के लिए अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना प्रसन्नता का विषय है।

अमेरिका में चल रहे प्रदर्शन और हिंसा पर भी पीएम मोदी ने ट्रंप से बात की। पीएम ने अमेरिका में जारी हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की और स्थिति के जल्द ठीक होने की कामना की। अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयर्ड नाम के अश्वेत की मौत के बाद से हिंसा हो रही है। व्हाइट हाउस तक हिंसा की आग पहुंच गई जिसके बाद ट्रंप को भी बंकर में छिपाना पड़ा था।

यह भी पढ़ें…मनोज तिवारी को हटाने की इनसाइड स्टोरी, इन कारणों से हुई आदेश की ताजपोशी

चीन और WHO पर बात

लद्दाख में चीन की करतूतों के बाद हुए तनाव पर भी पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से बात की। कोरोना वायरस की वजह से आज पूरी दुनिया परेशानी में है लेकिन अमेरिका की हालत ज्यादा ही खराब है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत के दौरान इस साल फरवरी में अपनी भारत यात्रा का भी जिक्र किया।इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा यादगार और ऐतिहासिक रही है। इसने द्विपक्षीय संबंधों में नई गतिशीलता भी जोड़ी है।

यह भी पढ़ें…चीन के साथ विवाद पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, सैनिकों को लेकर कही ये बात

दोनों नेताओं के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)में सुधार को लेकर भी बातचीत हुई। हाल ही में अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने की घोषणा की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि WHO पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है। WHO बदलाव की प्रक्रिया शुरू करने में नाकाम रहा और अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपना रिश्ता खत्म कर लेगा।