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मिसाइल मैन जिहादी: पुजारी ने अब्दुल कलाम पर साधा निशाना, ऐसे हुई थी पिटाई

गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के पुजारी ने काफी हैरान करने वाला बयान देते हुए पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम पर निशाना साधा है। ऐसे में नरसिंहानंद सरस्वती ने अलीगढ़ में कहा कि देश के शीर्षस्थ परिवारों में कोई भी मुसलमान भारत समर्थक नहीं हो सकता है और कलाम एक जिहादी थे।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 24 March 2021 4:42 AM GMT

मिसाइल मैन जिहादी: पुजारी ने अब्दुल कलाम पर साधा निशाना, ऐसे हुई थी पिटाई
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राजधानी दिल्ली के जाने-माने शहर गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के पुजारी ने काफी हैरान करने वाला बयान देते हुए पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम पर निशाना साधा है।
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गाजियाबाद: राजधानी दिल्ली के जाने-माने शहर गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के पुजारी ने काफी हैरान करने वाला बयान देते हुए पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम पर निशाना साधा है। ऐसे में नरसिंहानंद सरस्वती ने अलीगढ़ में कहा कि देश के शीर्षस्थ परिवारों में कोई भी मुसलमान भारत समर्थक नहीं हो सकता है और कलाम एक जिहादी थे। बिना किसी सबूत के पुजारी ने कलाम पर डीआरडीओ(DRDO) प्रमुख के रूप में पाकिस्तान को परमाणु बम के फार्मूले की आपूर्ति करने का आरोप लगाया।

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मंदिर के महंत का बयान

ऐसे में पुजारी ने दावा किया कि कलाम ने राष्ट्रपति भवन में एक सेल का गठन किया था, जहां कोई भी मुस्लिम अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। आपको बता दें कि महंत गाजियाबाद के उसी मंदिर के महंत हैं, जहां कुछ दिन पहले कथित तौर पर एक मुस्लिम युवक के पानी पीने पर उसकी की गई थी।

इस घटना के बाद शिरांगी नंद यादव नाम के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर इस घटना की हर तरफ से निंदा की गई थी। इसके बाद अब मंदिर के महंत का बयान सामने आया है। इसको लेकर फिर से अब चर्चा का दौर है।

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भारत को परमाणु देश बनाने का सबसे ज्यादा श्रेय

जानकारी देते हुए बता दें कि भारत को परमाणु देश बनाने का सबसे ज्यादा श्रेय एपीजे अब्दुल कलाम को दिया जाता है। वहीं राष्ट्रपति के तौर पर भी उनके कार्यकाल को एक सफल कार्यकाल के रूप में बताया जाता है। ऐसे में उनपर मंदिर के पुजारी की टिप्पणी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब भले ही हमारे पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उनकी कही बातें जो हमेशा से हमारा मार्गदर्शन करती आई है और करती रहेंगी। भारत के 11वें राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का निधन 27 जुलाई 2015 को शिलांग में लेक्चर देने के दौरान दिल का दौरा पड़ने से हुआ था।

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