पुलवामा हमला: NIA ने हमलावर की मदद करने वालों को किया गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जांच में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है, NIA ने ढूंढ निकाला वो घर जिस घर में रची थी हमलावर ने साजिश,

नई दिल्ली:  बीते साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जांच में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस हमले के फिदायीन हमलावर आदिल डार ने जिस घर को अपना ठिकाना बनाया था। उस घर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने ढूंढ निकाला है। NIA ने इस मामले में आदिल और इसकी मदद में आगे आए बाप-बेटी को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आदिल ने पुलवामा हमले को अंजाम देने से पहले इन्हीं आरोपियों के घर में वीडियो रिकॉर्डिंग की थी।

यह रिकॉर्डिंग उसके मरने से पहले शूट की गई थी। NIA ने जिस घर को ढूंढ निकाला है, उसी घर में आतंकियों ने पुलवामा हमले की साजिश रची और फौजियों के काफिले पर हमले की पूरी प्लानिंग की। गिरफ्तार लड़की लगातार पुलवामा हमले के आतंकियों के संपर्क में थी।

पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार

NIA ने इस मामले में बाप-बेटी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार शख्स का नाम तारिक अहमद है। मंगलवार को पुलिस ने पहले इन बाप-बेटी से पूछताछ की, उसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को NIA को सौंप दिया गया। कुछ दिन पहले एनआईए ने इसी मामले में शाकिर बशीर को गिरफ्तार किया था।

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गिरफ्तार युवक तारिक पर फिदायीन हमलावर की मदद करने का आरोप है। ग्यात हो कि पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा हमला हुआ था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। शाकिर बशीर से पूछताछ के बाद ही तारिक अहमद और उसकी बेटी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को लेतपोरा से गिरफ्तार किया गया। इनके घर से कई संदिग्ध कागजात भी बरामद किए गए हैं।

जैश-ए-मोहम्मद का है हाथ

NIA की जांच के बारे में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी बयान दिया। राज्यमंत्री ने बताया, पुलवामा हमले में एनआईए ने 10 फरवरी 2019 को केस दर्ज किया था। जी. रेड्डी ने कहा, एनआईए की जांच में पता चला है कि हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल का हाथ है। फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है।

आदिल अहमद डार ही वो आतंकी था जो कार में सवार होकर सुरक्षाबल के काफिले में जा घुसा था। शाकिर बशीर ने खुलासा किया कि उसने आदिल अहमद डार और एक अन्य सहयोगी मोहम्मद उमर फारूक को साल 2018 के आखिर से फरवरी में किए हमले तक अपने घर में शरण दी थी।

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शाकिर बशीर ने IED बनाने में भी मदद की थी। गिरफ्तारी के बाद शाकिर को 15 दिन के लिए NIA ने अपनी हिरासत में लिया था।