मास्क के निर्यात पर राहुल ने पीएम मोदी पर लगाए आरोप, बीजेपी ने दिया ये जवाब

कोरोना वायरस का खतरा देश भर में बढ़ता ही जा रहा है। जिससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहें हैं। वही इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर जरूरी मेडिकल सुविधाओं का निर्यात करने का आरोप लगाया

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का खतरा देश भर में बढ़ता ही जा रहा है। जिससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहें हैं। वही इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर जरूरी मेडिकल सुविधाओं का निर्यात करने का आरोप लगाया। हालांकि सूत्रों के मुताबिक मास्क संबंधी जरूरी सुविधाओं के निर्यात पर जनवरी में ही बैन लगा दिया गया था।

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सूत्रों का कहना है कि मेडिकल से जुड़ी जरूरी सुविधाओं के निर्यात पर 31 जनवरी 2020 को ही बैन लगा दिया गया था। जिसे लेकर 31 जनवरी को एक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया था। वहीँ कोंग्रस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जिन मेडिकल सुविधाओं की जरूरत भारत में है, उसका भारत सरकार निर्यात कर रही है।

वहीँ बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्ववीट कर कहा, ‘डब्ल्यूएचओ की एडवाइजरी से पहले ही भारत सरकार ने 31 जनवरी को एन95 मास्क, बॉडी ओवरऑल और 2-3 प्लाई मास्क के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।’ इसके साथ ही अमित मालवीय ने सरकार का नोटिफिकेशन भी ट्वीट किया है।

क्या है राहुल गांधी का आरोप-

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह पर वेंटिलेटर, सर्जिकल मास्क का पर्याप्त स्टॉक रखने के विपरीत भारत सरकार ने 19 मार्च तक सभी चीजों के निर्यात की अनुमति क्यों दी? राहुल ने सवाल किया कि ये खिलवाड़ किन ताकतों की शह पर हुआ और क्या ये आपराधिक साजिश नहीं है?

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राहुल गांधी के अलावा सुरजेवाला ने भी घेरा-

बता दें कि राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस मामले पर सरकार को घेरा। रणदीप सुरजेवाला ने अपने ट्वीट में लिखा कि प्रधानमंत्री जी, यह एक माफ नहीं करने लायक अपराध और षडयंत्र है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि वेंटिलेटर, सर्जिकल/फेस मास्क और मास्क/गाउन बनाने वाले सामान का भंडारण हो। साथ ही सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि आप 19 मार्च तक 10 गुना कीमत पर इनके निर्यात करने की इजाजत देते रहे, जबकि एम्स में ये सभी सामान उपलब्ध नहीं हैं।

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