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कांग्रेस को झटका: पायलट को हाईकोर्ट ने दी राहत, नोटिस पर लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट गुट की ओर से याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि विधानसभा स्पीकर का नोटिस वैध नहीं है क्योंकि अभी कोई सत्र नहीं चल रहा है। साथ ही इस नोटिस का जवाब देने के लिए वक्त की मांग भी की गई है।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 17 July 2020 12:39 PM GMT

कांग्रेस को झटका: पायलट को हाईकोर्ट ने दी राहत, नोटिस पर लगाई रोक
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जयपुर: राजस्थान के सियासी अखाड़े में दांव-पेंच जारी है। सचिन पायलट के खेमें की ओर से दायर की गई याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में सचिन पायलट को थोड़ी राहत मिली है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 21 जुलाई तक नोटिस पर रोक लगा दी है। बताया गया कि इस मामले में अब अगली सुनवाई सोमवार को होगी।

21 जुलाई तक नोटिस पर रोक

बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट गुट की ओर से दायर की गई याचिका पर अब सोमवार को सुबह 10 बजे से फिर से सुनवाई होगी। इसके साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट ने 21 जुलाई तक नोटिस पर रोक लगा दी है। रोक लगाने के साथ ही अब 21 जुलाई तक विधानसभा स्पीकर कोई कार्रवाई नहीं कर सकेंगे।

स्पीकर कोई करवाई नहीं कर सकेंगे

राजस्थान हाईकोर्ट के रोक लगाने के साथ ही अब 21 जुलाई तक सचिन पायलट और अन्य 18 विधायकों के खिलाफ स्पीकर कोई करवाई नहीं कर सकेंगे। 21 जुलाई 5:30 तक स्पीकर कोई करवाई नहीं करेंगे। अब 20 जुलाई को अभिषेक मनु सिंघवी अपना पक्ष रखेंगे।

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यह हमारे फ्रीडम ऑफ स्पीच का पाठ है

इससे पहले आज बहस करते हुए हरीश साल्वे ने सचिन पायलट की तरफ से कहा कि मैं सरकार को गिरा रहा हूं या किसी भी लिमिट को क्रॉस कर कोई पाप कर रहा हूं तो समझ में आता है कि मैं गलत कर रहा हूं। मगर मैं जब आवाज उठा रहा हूं तो यह हमारे फ्रीडम ऑफ स्पीच का पाठ है जो आर्टिकल 19 के तहत मुझे मिला है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे संविधान का हिस्सा

साल्वे ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे संविधान का हिस्सा है। इसलिए इस नोटिस को तुरंत रद्द किया जाए। हरीश साल्वे की ओर से कोर्ट में कहा गया कि अगर कोई विधायक अपने मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैए के खिलाफ बोलता है, अपनी सेंट्रल लीडरशिप को जगाता है तो यह उसका फ्रीडम ऑफ स्पीच है, यह बगावत नहीं है।

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ये है मामला?

बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट गुट की ओर से याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि विधानसभा स्पीकर का नोटिस वैध नहीं है क्योंकि अभी कोई सत्र नहीं चल रहा है। साथ ही इस नोटिस का जवाब देने के लिए वक्त की मांग भी की गई है।

दरअसल, कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट और उनके समर्थक 18 विधायकों ने विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी के जरिए जारी अयोग्यता संबंधी नोटिस के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने स्पीकर सीपी जोशी के सामने बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने की याचिका दायर की थी।

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