इस तर्ज पर अयोध्या का राम मंदिर, सनातन परंपरा का होगा यहां अनुसरण

एकता व भाईचारे पर आधारित होगा राम मंदिर के निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट।पीएम मोदी के अनुसार गठित यह ट्रस्ट एकता का संदेश देने वाला है।कहा जा रहा है कि ट्रस्ट में मुस्लिम सदस्य भी शामिल होंगे।और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीएम खुद के मंदिर का शिलान्यास कर सकते हैं।

Published by suman Published: November 11, 2019 | 6:55 pm

जयपुर:एकता व भाईचारे पर आधारित होगा राम मंदिर के निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट।पीएम मोदी के अनुसार गठित यह ट्रस्ट एकता का संदेश देने वाला है।कहा जा रहा है कि ट्रस्ट में मुस्लिम सदस्य भी शामिल होंगे।और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीएम खुद के मंदिर का शिलान्यास कर सकते हैं।

 

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश  पर सोमनाथ मंदिर निर्माण ट्रस्ट  की तरह ही अयोध्या वाला ट्रस्ट बनेगा। गृह मंत्री या पर्यटन मंत्री इसके अध्यक्ष हो सकते है और इसके सदस्यों की संख्या 20 से ज्यादा होगी। ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा के साथ सामाजिक क्षेत्र के प्रसिद्ध हस्तियों को शामिल करने पर मंथन का दौर शुरू हो गया है।

 

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पीएम मोदी ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में कहीं से भी कटुता नहीं दिखेगी। यह संदेश भी फैले कि मंदिर निर्माण सभी समुदायों और पूरे देश की इच्छा से हो रहा है।इसलिए ट्रस्ट में कोई भी विवादित चेहरा ना हो शामिल। उसके बाद मंदिर निर्माण के लिए अधिग्रहीत जमीन के लिए डिजाइन तैयार होगा। सरकार की कोशिश है कि रामनवमी से पहले ही मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो जाए।

 

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पर्यटन विभाग इसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तरह बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मंदिर तक पहुंचने के लिए रेल, सड़क, हवाई यातायात के बेहतर प्रबंध की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा अयोध्या के आधारभूत संरचना विकास के लिए भी जल्द भव्य रोडमैप तैयार होगा। अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव का बयान है कि राम मंदिर का निर्माण राष्ट्र मंदिर के निर्माण की दिशा में सार्थक पहल है। जहां सनातन परंपरा लागू होगी।