सिर्फ पद्मावती पर ही नहीं थी खिलजी की नजर, उसे ये 3 चीज भी चाहिए थीं

चित्तौड़ के राजा महारावल रतन सिंह ने राघव चेतन पंडित को अपने प्रदेश से देश निकाला दे दिया था। जिसके बाद राघव चेतन अपने इस अपमान का बदला लेना चाहता है जिसके वह दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के पास मदद मांगने के लिए चला गया।

मुंबई: चित्तौड़ के राजा महारावल रतन सिंह ने राघव चेतन पंडित को अपने प्रदेश से देश निकाला दे दिया था। जिसके बाद राघव चेतन अपने इस अपमान का बदला लेना चाहता है जिसके वह दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के पास मदद मांगने के लिए चला गया। राघव चेतन ने अलाउद्दीन खिलजी के सामने चित्तौड़ के सभी राज खोल दिए। पद्मावत ग्रंथ में कही गई हैं।

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राघव चेतन महारानी पद्मिनी के बारे में बताने के साथ ही खिलजी को उन तीन चीजों के बारे में भी बता दिया था जिनको पाने के लिए खिलजी ने तुरंत चित्तौड़गढ़ पर आक्रमण कर दिया था।

उनमें पहली चीज थी हीरामणि तोता यह जीव एक ऐसा जीव था जो आदमी की तरह बातें करता था तथा ज्ञान की बातें सभी को बताया करता था। हीरामणि तोता महाराज महारावल रत्न सिंह को सबसे प्रिय था।

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पारस पत्थर दूसरी वस्तु थी। दोस्तों चित्तौड़गढ़ में एक ऐसा पत्थर था जो किसी भी धातु को छूते ही उस को सोना बना देता था। यह पत्थर महारावल रतन सिंह ने छुपा कर रखा था जो आज तक नही मिला है।

तीसरी चीज थी नीलम नग यह एक ऐसा नग था जिसमें एक विशेष प्रकार की दवा भरी हुई थी जिसका सेवन करने से आदमी कभी बूढ़ा नहीं लगता था। खिलजी ने जब इन चीजों के बारे में सुना तो उसने चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया था।